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Gaza: इज़राइल सितंबर के बीच तक गाज़ा सिटी पर कब्ज़ा करने के लिए फुल-स्केल सैन्य अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहा है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस ऑपरेशन से पहले गाज़ा सिटी में मौजूद करीब 10 लाख फिलिस्तीनियों को निकलने का आदेश दिया जाएगा. निकलाने का प्रोसेस रविवार को शुरू हो सकता है.
जानकारी के मुताबिक, 60,000 से ज्यादा रिज़र्व सैनिकों को 2 सितंबर से ड्यूटी पर बुलाया गया है. प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और सरकार इस अभियान को जल्द शुरू करना चाहते हैं, लेकिन सेना चाहती है कि पहले बंधकों और सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो और नागरिकों की निकासी के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन भी मिले.
इज़राइल के रक्षा मंत्री योआव कात्ज़ ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि अगर हमास ने जंग खत्म करने की इज़राइल की शर्तें खासकर बंधकों की रिहाई और हथियार डालना कबूल नहीं कीं, तो गाज़ा सिटी पर नरक के दरवाजे खोल दिए जाएंगे.
इस बीच, इज़राइल में कई लोग चिंतित हैं कि गाज़ा सिटी पर हमला वहां मौजूद बचे हुए बंधकों की जान को खतरे में डाल सकता है, माना जा रहा है कि 2023 से अब तक पकड़े गए 50 बंधकों में से 20 ज़िंदा हैं और 30 की मौत हो चुकी है, पिछले हफ्ते ही हजारों इज़राइली सड़कों पर उतरे और सरकार से अपील की कि किसी भी तरह समझौता कर बंधकों को वापस लाया जाए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी हमास के रुख पर नाराज़गी जताई है. उन्होंने कहा कि इतने कम बंधक ज़िंदा होने की स्थिति में हमास के पास बातचीत का बहुत कम कारण बचा है. ट्रंप ने यह भी कहा, "अगर इज़राइल जल्दी और पूरे ज़ोर से गाज़ा में घुसता है, तो बंधक कई मायनों में ज्यादा सुरक्षित हो सकते हैं."
वहीं, गाज़ा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अब तक युद्ध में 62,622 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो पहले लापता थे लेकिन अब मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. इसके अलावा, कुपोषण से मरने वालों की संख्या बढ़कर 281 हो गई है.