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Zee SalaamIsrael Hamas WarIsrael हर रोज गाजा में करेगा 10 घंटे का सीजफायर, क्यों लिया और क्या है मकसद?

Israel हर रोज गाजा में करेगा 10 घंटे का सीजफायर, क्यों लिया और क्या है मकसद?

Israel in Gaza: इजराइल ने एक बड़ा फैसला किया है, जिसके मुताबिक वह गाजा में हर रोज 10 घंटे का सीजफायर करेगा. ये फैसला भुखमरी की वजह से पड़ रहे इंटरनेशनल प्रेशर की वजह से लिया गया है. इसके साथ ही बीते रोज इजराइल में पहले के मुकाबले ज्यादा ट्रक्स पहुंचे हैं.

Israel हर रोज गाजा में करेगा 10 घंटे का सीजफायर, क्यों लिया और क्या है मकसद?

Israel in Gaza: इज़रायली सेना ने ऐलान किया है कि वह गाज़ा के सबसे अधिक आबादी वाले इलाकों में हर दिन 10 घंटे के लिए सीजफायर करेगी ताकि फंसे हुए लोगों तक खाना और ज़रूरी मदद पहुंचाई जा सके. यह फैसला इंटरनेशनल दबाव और भूख से मरते लोगों की बढ़ती तादाद के बाद लिया गया है.

इजराइल का बड़ा फैसला

रविवार से शुरू हुए इस सीजफायर के दौरान सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक गाज़ा सिटी, देइर अल बलाह और अल-मवासी में लड़ाई रोकी जाएगी. ये वही इलाके हैं जहां इज़रायल ने फिलिस्तीनियों से शेल्टर लेने को कहा था. गाजा में भूख की वजह से हालात संजीदा बने हुए हैं. हर रोज लोग दम तोड़ रहे हैं.

गाजा में भूख से कितने लोगों की मौत हुई?

गाज़ा की हेल्थ मिनिस्ट्री के मुताबिक, अक्टूबर 2023 से अब तक 133 लोगों की मौत भूख और कुपोषण से हो चुकी है, जिनमें 87 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र और वर्ल्ड हेल्छ ऑर्गनाइजेशन ने चेतावनी दी है कि गाज़ा में लोग सामूहिक भुखमरी की ओर बढ़ रहे हैं.

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इजराइल का दावा भुखमरी एक फैलाया गया झूठ

इज़रायली सेना ने गाज़ा में भुखमरी के दावों को खारिज करते हुए कहा है कि यह 'हमास के जरिए फैलाया गया झूठा प्रचार' है. रविवार को इज़रायली अधिकारियों ने पत्रकारों को केरम शालोम बॉर्डर से गाज़ा ले जाकर मदद के सैकड़ों पैकेट दिखाए, जिनमें आटा, पास्ता, तेल, पानी और बेबी फॉर्मूला शामिल था.

इज़रायली सरकार के प्रवक्ता एलोन लेवी ने कहा, "सारी मदद इज़रायल में मौजूद है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र उसे सही तरीके से बांट नहीं कर रहा. सैकड़ों पैकेट धूप में खराब हो रहे हैं और यूएन इज़रायल को ही दोष दे रहा है."

यूएन ने क्या कहा?

संयुक्त राष्ट्र की वर्ल्ड फ़ूड प्रोग्राम (WFP) ने कहा कि 21 मई से अब तक वे ज़रूरत की तुलना में बहुत ही कम सहायता गाज़ा भेज पाए हैं, क्योंकि हालात बेहद खतरनाक हैं. वहां आम नागरिकों और राहत कर्मियों की जान को गंभीर खतरा है.

मदद लेने आए 94 फिलिस्तीनियों की मौत

गाज़ा के स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, पिछले रविवार को इज़रायली सेना ने राहत पाने के लिए जमा हुए लोगों पर हमला किया, जिसमें 94 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. WFP की कार्यकारी निदेशक सिंडी मैक्केन ने कहा कि जब उनकी टीम खाना लेकर पहुंची तो भीड़ पर इज़रायली सेना ने गोलीबारी की. उन्होंने कहा कि 10 घंटे की शांति स्वागत योग्य है, लेकिन असली मदद तभी संभव है जब पूर्ण युद्धविराम (ceasefire) हो.

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Sami Siddiqui

समी सिद्दीकी उप्र के शामली जिले के निवासी हैं, और 6 से दिल्ली में पत्रकारिता कर रहे हैं. राजनीति, मिडिल ईस्ट की समस्या, देश में मुस्लिम माइनॉरिटी के मसले उनके प्रिय विषय हैं. इन से जुड़ी सटीक, सत्य ...और पढ़ें

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