कश्मीरी पंडितों को दोबारा बसाने के लिए 10 खास टाउनशिप बनाए जायेंगे

कश्मीरी पंडितों को दोबारा बसाने के लिए वादी के तमाम 10 जिलों में दस खास टाउनशिप बनाए जाएंगे, इस ब्लूप्रिंट में दहशतगर्दों के ज़रिए तबाह किए गए मंदिरों की फिर से तामीर भी शामिल होगी. मरकज़ी वज़ारते दाखिला ने इस मंसूबे पर काम करना शुरू कर दिया है

कश्मीरी पंडितों को दोबारा बसाने के लिए 10 खास टाउनशिप बनाए जायेंगे
फाइल फोटो...

श्रीनगर: नए कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को दोबारा बसाने के लिए वादी के तमाम 10 जिलों में दस खास टाउनशिप बनाए जाएंगे, इस ब्लूप्रिंट में दहशतगर्दों के ज़रिए तबाह किए गए मंदिरों की फिर से तामीर भी शामिल होगी. मरकज़ी वज़ारते दाखिला ने इस मंसूबे पर काम करना शुरू कर दिया है, कश्मीरी पंडितों को वादी कश्मीर से जम्मू और दीगर रियासतों में हिजरत करने के लिए मजबूर किया गया था.

बता दें कि मरकज़ी वज़ीरे दाखिला अमित शाह ने 18 फरवरी को कश्मीरी पंडितों के एक वफ्द से मुलाकात की थी. वफ्द में जीकेपीडी (JKPD) के आलमी कोऑर्डिनेटर सुरिंदर कौल. उत्पल कौल, जीकेपीडी इंडिया के कोऑर्डिनेटर अनिल काचरू, जीकेपीडी यूएसए ताज टीकू, अखिल भारतीय कश्मीरी समाज (एआईकेएस) के सद्र, दिलीप मट्टू और एजेकेवीएम के मेंबर संजय गंझू और परीक्षित कौल शामिल थे.

इस दौरान वज़ीरे दाखिला ने उनसे मुनासिब सिक्योरिटी के दरमियान वादी में मरहलेवार कश्मीरियों को दोबारा बसाने का वादा किया. उन्होंने उन सभी परिवारों के एक डेटाबेस को इक्ट्ठा करने के लिए उनसे मदद मांगी जो या तो कब्ज़े में थे या तजाविज़ात कर रहे थे, ताकि हुकूमत जायदाद को सही मालिक को बहाल करने का काम शुरू कर सके.
इस बीच वादी कश्मीर के पंडितों ने मरकज़ी हुकूमत की जानिब से इस तरह की पहल का इस्तकबाल किया. कश्मीरी पंडितों ने कहा की वाकई इस कदम से यहां के पंडितों को फायदा मिलेगा. उन्होंने कहा की अभी तक कई बार कोशिशें पण्डितों को वापस लाने के लिये की गयीं लेकिन वह सब कामायाब नहीं हो सकीं.