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Bahraich Jeth Mela: सैयद सालार गाजी की दरगाह से हर साल एक महीने का जेठ मेला लगता है, जिसमें जयरिनों की भारी भीड़ देखने को मिलती है. इस साल भी गाजी की दरगाह पर जायरीनों का सैलाब उमड़ा है. हालांकि इस साल प्रशासन ने जेठ मेले महोत्सव की इजाजत नहीं दी है.
हर साल बहराइच के सैयद सालार गाजी की दरगाह पर एक महीने का जेठ मेला लगता है. जहां कई लोग जियारत के लिए जाते हैं. प्रशासन का कहना है कि मेले में उमड़ने वाली भीड़ के वजह से लोगों की सुरक्षा को खतरा है. इसलिए इस साल जिला प्रशासन ने जेठ मेले लगाने की इजाजत नहीं दी है. डीएमके के इस फैसले को चुनौती देते हुए दरगाह कमेटी ने 26 अप्रैल को हाईकोट में याचिका दायर की है.
मेले की नहीं है परमिशन
यह याचिका दरगाह शरीफ मैनेजमेंट कमेटी के चीफ सहित छह लोगों द्वारा दायर की गई है. याचिकर्ताओं ने कोर्ट से हर साल एक महीने लगने वाले जेठ मेला इस साल भी लगाने की इजाजत मांगी है. हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अंतरिम आदेश में महज सीमित संख्या में जायरीनों को सैयद सालार गाजी की दरगाह में जियारत करने की इजाजत दी थी. इसके बाद भी दरगाह पर जायरीनों को सैलाब उमड़ गया है. वही कोर्ट ने जेठ मेले को लगाने की कोई परमिशन नहीं दी थी.
जियारत के लिए कोई रोक नहीं
हाईकोर्ट में इस मामले पर आज यानी कि 19 मई को सुनवाई होगी. सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए दरगाह के हर चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात की गई है. वही एसपी सिटी रामानंद कुशवाहा ने कहा हैं कि हाईकोर्ट के आदेश का सख्ती से पालन किया जा रहा है. इसके साथ ही यह भी बताया कि जियारत करने आने वाले लोगों को किसी तरह की कोई रोक-तोक नहीं है. लेकिन जेठ मेले और बारात की कोई परमिशन नहीं दी गई है. नियम मुताबिक लोग दरगाह की जियारत कर घर वापस लौट रहे हैं.