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Ghaziabad: पिछले कुछ दिनों में देश में इस्लामोफोबिया की बढ़ते हादसों से हालात काफी संजीदा हो गए हैं. जिस तरह से इस्लाम और मुसलमानों के खिलाफ नफरत बढ़ रही है, वह देशहित के खिलाफ है. कहीं भी किसी भी अकेले मुसलमान या दाढ़ी वाले व्यक्ति के खिलाफ हिंसा की जा रही है. ऐसी ही एक घटना 14 अगस्त की रात को हुई, जब पूरा देश आज़ादी के जश्न की तैयारियां कर रहा था, उस समय कुछ शरारती तत्व देश और मातृभूमि को अपमानित करने में लगे हुए थे.
दरअसल, मुंबई से दिल्ली आ रहे मुहम्मद शोएब नाम के शख्स के साथ बड़ी बेरहमी हुई. शोएब के मुताबिक, रात करीब 1 बजे जब उसकी ट्रेन सूरत रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर पहले आउटर प्लेटफॉर्म पर रुकी, तो वह ट्रेन से उतरा, इसी बीच कुछ शरारती लोगों ने उसे पकड़ लिया और पीटना शुरू कर दिया.
उन्होंने उसे तब तक बुरी तरह पीटा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया. इस दौरान हमलावरों ने और क्रूरता दिखाई और वह बेहोश हो गया. उन्होंने उसके गुप्तांग में पाइप से वार भी किया. बाद में उन्होंने शोएब को घायल अवस्था में दिल्ली जाने वाली ट्रेन में डाल दिया और वहां से फरार हो गए. 15 अगस्त को दिल्ली पहुंचने पर परिजनों ने मोहम्मद शोएब को दिल्ली से सटे गाजियाबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया.
फिलहाल शोएब आईसीयू में है और उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है. यह बहुत ही साहस और बहादुरी का मौज़ू था कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद वह युवक दिल्ली पहुंच गया. मुहम्मद शोएब बहराइच के रहने वाले हैं. उनके पिता का निधन हो चुका है और मौजूदा वक्त में उनकी देखभाल उनके सगे भाई और मामा कर रहे हैं.
वह नौकरी की तलाश में मुंबई गए थे लेकिन जब उन्हें वहां नौकरी नहीं मिली तो वह नौकरी की तलाश में दिल्ली अपने रिश्तेदारों के पास आ रहे थे लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था और इस समय वह गाजियाबाद के यशोद अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं.
इस घटना की सूचना मिलने पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना मुहम्मद हकीमुद्दीन कासमी अपने साथियों के साथ पेशवा अस्पताल उससे मिलने पहुंचे. उन्होंने घायल युवक से मुलाकात की और उसके स्वास्थ्य लाभ की दुआ की, साथ ही उन्होंने युवक को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया. इस अवसर पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद, गाजियाबाद के महासचिव मौलाना असजद कासमी और मौलाना वाहिद-उज़-ज़मां भी मौजूद थे.