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Ghazipur News: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के सीजेएम कोर्ट में आज पूर्व विधायक मरहूम मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे और मऊ से विधायक अब्बास अंसारी की पेशी हुई है. अब्बास पर व्यापारी नेता अबू फखर खान से करोड़ों की जमीन जबरन हड़पने और धोखाधड़ी करने का इल्जाम है. इन सबके बीच अब्बास अंसारी के पेशी के दौरान के अंदाज की चर्चा हो रही है.
दरअसल, सुनवाई के दौरान अब्बास अंसारी का अंदाज़ बिल्कुल अलग था. वह लंबे बाल, डिज़ाइनर चश्मा, रंगीन शर्ट और जींस पहनकर कोर्ट पहुंचे थे. उन्होंने वहां मौजूद समर्थकों का अपने पिता मुख्तार अंसारी की तरह ही सलाम करके स्वागत किया. इस दौरान उन्होंने अपनी मूंछों पर ताव भी दिया और यह चर्चा का विषय बन गया.
अब्बास अंसारी किस मामले में कोर्ट में हुए पेश?
गौरतलब है कि साल 2023 में व्यापारी नेता अबू फखर खान ने आरोप लगाया है कि जब मुख्तार अंसारी लखनऊ जेल में बंद थे, तब उनकी बीवी अफ्शा अंसारी, बेटा अब्बास अंसारी और रिश्तेदारों ने उन पर दबाव बनाकर जमीन अब्बास के नाम करा ली. अबू फखर का आरोप है कि मुख्तार ने जेल से धमकी दी थी कि घर में कोई चिराग नहीं बचेगा. बाद में दबाव डालकर उन्हें लखनऊ बुलाया गया और होम्योपैथिक कॉलेज के बगल की जमीन अब्बास अंसारी के नाम पर लिखवा दी गई.
अबू फखर खान का आरोप है कि जमीन की कीमत करोड़ों में थी, लेकिन रजिस्ट्री सिर्फ 25 लाख रुपये सर्किल रेट पर कराई गई. इसमें 20.50 लाख रुपये चेक और 4.50 लाख रुपये नकद दिए गए. अबू फखर ने यह मामला अगस्त 2023 में सदर कोतवाली में दर्ज कराया था. यह मामला 2012 का है.
इस केस में कौन-कौन है आरोपी?
मऊ के विधायक अब्बास अंसारी, अनवर शहजादा, आतिफ उर्फ शरजील रज़ा और अफरोज को इस मामले में आरोपी बनाया गया है. चारों आरोपियों पर धारा 346, 342, 420 और 120-बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज है. फिलहाल अफरोज बरेली जेल में बंद है, इसी वजह से वह कोर्ट में पेश नहीं हो सका. इस कारण चार्ज फ्रेम की कार्रवाई टल गई और अगली सुनवाई की तारीख 24 सितंबर 2025 तय हुई है. पेशी से पहले अब्बास अंसारी अपनी परिचित वकील मलिका बेगम के चैंबर गए. बाद में वे कोर्ट पहुंचे, जहां उनके समर्थकों की भीड़ जुटी रही. उन्होंने सबको हाथ उठाकर सलाम किया.