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Maharashtra News Today: महाराष्ट्र समेत पूरे देश में मुसलानों के खिलाफ नफरत, हिंसा और इस्लाम के आखिरी नबी पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम पर अपमानजनक टिप्पणी के मामले बढ़ गए हैं. इस तरह के बेलमान तत्वों पर लगाम लाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा में समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने एक प्राइवेट बिल पेश किया.
इस बिल में अबू आसिम आजमी ने पैगंबर (स.अ.) के अपमान (तौहीन-ए-रिसालत) और धार्मिक नफरत फैलाने के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग है. इस बिल में कहा गया है कि नफरत फैलाने वाले तत्वों पर महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट ( MCOCA Act) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम कानून (UAPA) के तहत कार्रवाई की जाए.
बिल के मुताबिक, ऐसे मामलों में दोषियों को दस साल तक की सजा दी जाए और दो लाख रुपये की जमानत की शर्त लगाई जाए, ताकि आरोपियों को आसानी से जमानत न मिल सके और धार्मिक नफरत की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके. अबू आसिम आजमी ने सदन को बताया कि देश में नबी (स.अ.) के अपमान और नफरत भरे बयानों की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक तनाव बढ़ रहा है और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर असर पड़ रहा है.
समाजवादी पार्टी के महाराष्ट्र प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी की आड़ में नफरत का एजेंडा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करना समय की मांग है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के उन आदेशों का भी हवाला दिया, जिनमें नफरत भरे भाषण और भड़काऊ बयानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. सपा विधायक ने कहा कि इन्हीं निर्देशों के आधार पर महाराष्ट्र में धार्मिक नफरत फैलाने और महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक शख्सियतों के खिलाफ जहर उगलने वालों पर कार्रवाई के लिए यह बिल पेश किया गया है.
इंकलाब में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बिल के मसौदे में यह प्रस्ताव भी शामिल है कि सांप्रदायिक तत्वों के खिलाफ दस साल या उससे अधिक सजा के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया जाए. साथ ही मकोका, यूएपीए जैसे कड़े कानून लागू किए जाएं ताकि आरोपियों को जमानत न मिल सके. इस दौरान अबू आसिम आजमी ने लाल किले के पास कार बम धमाके की कड़ी निंदा की. उन्होंने इसे सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक और खुफिया तंत्र की नाकामी बताया. उन्होंने कहा कि एक व्यस्त और संवेदनशील इलाके के पास इस तरह की घटना बेहद चिंताजनक है.
आजमी ने साल 2006 के मुंबई ट्रेन बम धमाकों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस समय कई निर्दोष मुस्लिम नौजवानों को गिरफ्तार किया गया, जिन्होंने सालों तक जेल की यातनाएं झेलीं और बाद में उन्हें सम्मान के साथ बरी किया गया, लेकिन आज तक असली दोषियों का पता नहीं चल सका.
अबू आसिम आजमी ने कहा कि बम धमाके कायरतापूर्ण और इंसानियत के खिलाफ अपराध हैं, जिन्हें किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल लोगों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके.