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Aligarh News Today: अलीगढ़ स्थित श्री वार्ष्णेय कॉलेज में एक मुस्लिम प्रोफेसर पर स्टूडेंट्स को आपत्तिजनक मैसेज करने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी के नेताओं और पदाधिकारियों ने कॉलेज कैम्पस में आरोपी प्रोफेसर की बेरहमी से पिटाई की. इस दौरान मौके पर पुलिस भी मौजूद थी. पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद बड़ी मुश्किल से प्रोफेसर को छात्रों की भीड़ से बचाया. स्टूडेंट्स ने आरोपी प्रोफेसर को निलंबित करने की मांग की. प्रोफेसर कॉलेज में इंग्लिश पढ़ाते हैं.
एबीवीपी नेताओं और कुछ स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि मुस्लिम प्रोफेसर एक स्टूडेंट को मोबाइल फोन पर आपत्तिजनक संदेश भेजते थे. वो लव जिहाद कर रहे हैं. प्रोफेसर के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एबीवीपी के पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया. इस प्रदर्शन में कई बच्चियां भी शामिल नजर आईं, जो किसी स्कूल की स्टूडेंट्स लग रही थीं. लड़कियों ने 'भारत माता की जय' और ' फूल नहीं चिंगारी हैं, हम भारत की नारी हैं', के नारे भी लगाए.
एबीवीपी के पदाधिकारी बलदेव चौधरी सीटू ने प्रोफेसर पर कथित लव जिहाद जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है. बलदेव चौधरी सीटू के मुताबिक, मुस्लिम प्रोफेसर सिर्फ हिंदू स्टूडेंट्स को निशाना बनाते हैं, और उन्हें लालच देते हैं कि मैं पीएचडी करवा दूंगा. एबीवीपी नेता ने दावा किया कि पीड़िता स्टूडेंट ने इसकी शिकायत एसपी सिटी, गांधी पार्क थानाध्यक्ष और महिला आयोग के अध्यक्ष से की है. इसलिए आज प्रोफेसर के विरोध में कॉलेज में प्रदर्शन कर सस्पेंड करने की मांग की गई है.
श्री वार्ष्णेय कालेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर बृजेश कुमार ने इन आरोपों पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि आज जब मैं कॉलेज पहुंचा तो कुछ स्टूडेंट्स बाहर प्रोटेस्ट कर रहे थे, मुझे देखते ही उन्होंने कॉलेज के एक प्रोफेसर को जबरन सस्पेंड करने की मांग करने लगे और उन्होंने गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि यह मामला 6 महीने से चल रहा है, लेकिन अभी तक किसी से इसकी शिकायत ही नहीं की.
श्री वार्ष्णेय कालेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर बृजेश कुमार ने बताया कि प्रदर्शन करने वाले लोग शुरुआत में आरोप ही नहीं बता रहे थे, सिर्फ एक प्रोफेसर का नाम लेकर पूरे जोश में उन्हें सस्पेंड करने की मांग कर रहे थे. उन्होंने बताया कि जब मैंने इसके बारे में पूछा तो प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यह मामला 6 महीने पुराना है.
प्रोफेसर बृजेश कुमार ने कहा कि जब यह मामला इतना पुराना है, तो इसके बारे में कॉलेज में शिकायत क्यों नहीं की गई. इस पर एबीवीपी नेताओं ने कहा कि इसकी शिकायत बच्ची ने हेड से और एकप्रोफेसर से की थी. इतना ही नहीं वे हमें धमकाने लगे कि यह मामला प्रॉक्टर और प्रिंसिपल दोनों को मालूम होनी चाहिए. उन्होंने आगे बताया कि प्रदर्शनकारी स्टूडेंट्स को कल रात में इसकी जानकारी हुई और हमें तो जानकारी ही नहीं दी गई.
कालेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर बृजेश कुमार ने कहा कि अगर पीड़िता हमारे यहां की स्टूडेंट है तो इसकी जांच कराएंगे, लेकिन अगर वह बाहरी स्टूडेंट है तो यह मामला पुलिस का है और पुलिस ही इसमें कार्रवाई करेगी. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन में शामिल लोग उग्र रूप से सिर्फ एक ही मांग कर रहे थे कि प्रोफेसर को सस्पेंड किया जाए, लेकिन न्याय के सिद्धांत के मुताबिक, पहले पता तो चले कि शिकायत क्या है और उसी आधार पर जांच के बाद जो तथ्य निकलकर सामने आएंगे उसी बेस पर आगे कार्रवाई की जाएगी.
एबीवीपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के जरिये जबरन सस्पेंड करने की मांग पर कॉलेज प्रिंसिपल ने कहा, "किसी को सिर्फ आरोप के आधार सस्पेंड नहीं किया जा सकता है. जांच में दोषी पाए जाने के बाद ही सस्पेंड किया जाता है." उन्होंने कहा, "सिर्फ आरोप और विरोध को देखकर सस्पेंड कर दिया तो गलत होगा. हमने बच्चों को बहुत समझाने की कोशिश की कि जांच के बाद कानून के मुताबिक सख्त कार्रवाई की जाएगी, लेकिन वह बस प्रोफेसर को सस्पेंड करने की मांग पर अड़े हुए थे.
अलीगढ़ के एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक बताया कि थाना गांधी पार्क क्षेत्र के श्री वार्ष्णेय कॉलेज की एक्स स्टूडेंट के जरिये शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें कहा गया है कि एक प्रोफेसर मोबाइल पर स्टूडेंट का आपत्तिजनक वीडियो और मैसेज भेजता है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में पुलिस के जरिये सभी एंगल से जांच की जा रही है. टीचर के मोबाइल और लैपटॉप की भी जांच की गई है.
एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि पुलिस के अलावा इन आरोपों की जांच के लिए कॉलेज प्रशासन की तरफ से भी एक जांच टीम गठित की गई है. जो भी साक्ष्य मिलेंगे उसी आधार पर जरुरी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने बताया कि प्रोफेसर के साथ मारपीट की गई है और इस संबंध में सीसीटीवी फुटेज निकलवा कर जांच की जा रही है.
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