UP Madrasa Demolition: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में जिला अधिकारी के निर्देश पर अवैध मदरसों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई है. जिले में जांच के बाद कई मदरसों को बंद कर दिया गया है और प्रशासन की तरफ से आगे की कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार को पत्र भेजा गया है.
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Farrukhabad Madrasa Demolition: उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के मदरसों पर अब योगी सरकार का चाबुक चला है. प्रदेश सरकार के आदेश के बाद प्रशासन ने फर्रुखाबाद जिले में 120 मदरसों की जांच की, जिसके बाद 46 मदरसो को तत्काल बंद कर दिया गया है. जिला अधिकारी ने बताया है कि अवैध मदरसों के खिलाफ चल रही इस कार्रवाई में अभी कई मदरसों की जांच बाकी है.
फर्रुखाबाद जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में तकरीबन आधे से ज्यादा मदरसे अवैध हैं. जिला अधिकारी आशुतोष द्विवेदी के निर्देश पर जिले में बड़े स्तर पर कार्रवाही की गई है. कार्रवाई के दौरान 120 मदरसों की जांच की गई है, जिसमें से 42 मदरसे अवैध पाए गए हैं. अब इन मदरसों के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार को पत्र भेजा गया है. हालांकि जिले में ऐसे भी कई मदरसे मौजूद हैं, जिनकी अभी जांच बाकी है.
मदरसों की अलग-अलग एंगल से जांच
आशुतोष द्विवेदी ने कहा है कि इन मदरसों की पूरी तरह से जांच की जाएगी. जांच के दौरान पता किया जाएगा कि क्या इन मदरसों को कभी सरकारी योजना का फायदा मिला है, अगर मिला तो वह किस कार्यकाल में मिला है. साथ ही इन पैसों की रिकवरी कैसे की जाएगी?
जिला अधिकारी ने मदरसों में पढ़ रहे बच्चों के लिए चिंता जाहिर की है. उन्होंने सवाल खड़े किए कि "क्या इन फर्जी मदरसों में पढ़ रहे बच्चों का रजिस्ट्रेशन हुआ है, उनका रजिस्ट्रेशन सही भी था या नहीं. इसके अलावा क्या कभी इन बच्चों को सरकार की स्कालरशिप का फायदा मिला है, अगर स्कॉलरशिप मिली है तो वह कितनी थी?"
74 मदरसों में मिलेगी तामिल
मीडिया से बातचीत में जिला अल्पसंख्यक अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया है कि 42 मदरसों को फिलहाल बंद कर दिया गया है. अभी सिर्फ 74 मदरसों में ही बच्चे तालीम हासिल कर सकेंगे. हालांकि इन मदरसों पर भी कार्रवाई की जाएगी. जितेंद्र कुमार ने आगे बताया कि 42 मदरसों पर रिकवरी की भी कार्रवाई की जा सकती है.
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद मदरसों में पढ़ रहे बच्चों के पेरेंट्स ने चिंता जाहिर की है. पेरेंट्स का कहना है कि मदरसों से निकाले जाने के बाद तुरंत बच्चों के किसी स्कूल में भी एडमिशन नहीं मिल पाएगा. साथ ही पेरेंट्स ने यह भी कहा है कि दिनभर खेदकुद में बच्चें अपना भविष्य बर्बाद कर लेगें.