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लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पारित, विपक्ष के दावों को किया खारिज!

Waqf Bill 2025: लोकसभा ने बुधवार को चली लम्बी बहस के बाद रात तकरीबन 2 बजे वक्फ संशोधन बिल को मंजूरी दे दी है. बिल को 288 वोटों के साथ पास किया गया है. केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू का कहना है कि बिल में संशोधन करना जरूरी, वरना दिल्ली के संसद भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स समेत कई संपत्तियों पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का दावा था. 

लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पारित,  विपक्ष के दावों को किया खारिज!

Waqf Bill 2025: लोकसभा ने बुधवार को चली लंम्बी बहस और सभी विपक्षी दलों के नेताएओं के कड़े विरोध के बीच वक्फ संशोधन बिल 2025 को पारित कर दिया है. बिल का मकसद वक्फ की संपत्तियों को विनियमित और मैनेजमेंट सही करने से जुड़े मुद्दों और चुनौतियों का हल करने के लिए वक्फ अधिनियम1995 में बदलाव करना है.  

सरकार ने कहना है कि अगर वह वक्फ संशोधन बिल नहीं लाती तो संसद भवन समेत कई इमारतें दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं और कांग्रेस के शासनकाल में वक्फ संपत्तियों का सही से रख-रखाव होता तो सिर्फ मुसलमानों की ही नहीं बल्कि पूरे देश की तकदीर भी बदल जाती.  

केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल 2025 पर चर्चा और पारित करने के लिए रखा. उन्होंने बिल को रखते हुए कहा, "इसके माध्यम से सरकार और वक्फ बोर्ड मस्जिद समेत किसी धार्मिक संस्था के किसी भी कामकाज में कोई दखल नहीं करेंगे."

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1995 का संशोधन गैरकानूनी नहीं...?
इसके साथ ही उन्होंने वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ विपक्षी दलों के दावों को खारिज करते हुए कहा, "1995 में जब कई संशोधनों के साथ व्यापक कानून बनाया गया था, तब किसी ने नहीं कहा था कि यह असंवैधानिक और गैरकानूनी है. आज हम इसे सुधार कर ला रहे हैं तो यह असंवैधानिक लग रहा है, तर्कों पर बात कीजिए. जिन बातों का बिल से कोई लेनादेना नहीं, उन पर बात की जा रही है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही हैं." 

2013 में पहली बार बदलाव
उन्होंने कहा कि कुछ लोग कह रहे हैं कि सरकार मस्जिद, दरगाह और मुसलमानों की संपत्तियों को छीन लेगी जो पूरी तरह गुमराह करने वाली बात है. रीजीजू ने साफ किया है कि यह बिल पूर्वगामी प्रभाव से लागू नहीं होगा. उन्होंने इस बिल की जरूरतों को गिनाते हुए कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले 2013 में कुछ वक्त की सरकार ने कुछ ऐसे कदम उठाए जिनसे कई संपत्तियां दिल्ली वक्फ बोर्ड के पास चली जातीं. रीजीजू ने कहा कि 2013 में पहली बार वक्फ कानून में यह बदलाव किया गया कि इस देश में किसी भी धर्म का व्यक्ति वक्फ बना सकता है. 

बोर्ड का कानून सबसे ऊपर 
उन्होंने कहा कि इनके अलावा ऐसे बदलाव किए गए कि शिया वक्फ में शिया ही रहेंगे, सुन्नी वक्फ में सुन्नी ही रहेंगे, इसमें बाहर से कोई और नहीं आ सकता है. अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा, "एक धारा में तो यह तक लिखा गया कि वक्फ बोर्ड का कानून किसी भी मौजूदा कानून के ऊपर रहेगा. इस देश में ऐसा कानून कैसे मंजूर किया जा सकता है."

2014 में123 संपत्तियां वक्फ बोर्ड के अंदर 
साथ ही मंत्री रीजीजू ने यह भी कहा कि दिल्ली के संसद भवन, सीजीओ कॉम्प्लेक्स समेत कई संपत्तियों पर दिल्ली वक्फ बोर्ड का दावा था.  लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से ऐन पहले 5 मार्च 2014 को उस समय की संप्रग सरकार ने आवासन और शहरी विकास मंत्रालय के अधीन 123 मुख्य संपत्तियों को दिल्ली वक्फ बोर्ड के अंदर कर दिया.

288 वोटों से पारित
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में शामिल बीजेपी के सहयोगी दलों जद(यू), तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जनसेना और जनता दल (सेक्यूलर) ने बुधवार को वक्फ संशोधन बिल का सपोर्ट किया है. लोकसभा ने 232 के मुकाबले 288 वोटों से वक्फ संशोधन बिल 2025 को पास किया है. 

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