)
Agra News Today: केंद्रीय राजधानी दिल्ली में बीते 10 नवंबर को हुए कार बम धमाके ने लोगों को झकझोर कर रख दिया. इस घटना के बाद उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. ताजनगरी आगरा में भी पुलिस खास सतर्कता बरत रही है. आगरा पुलिस ने मिश्रित आबादी वाले इलाकों में निगरानी और चौकसी बढ़ा दी है.
हाल ही में योगी सरकार ने तबलीगी जमात पर निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं. इस आदेश और बम धमाके की घटना के मद्देनजर पुलिस ने शहर के इमामों को निर्देश दिया है कि मस्जिदों में ठहरने आने वाली किसी भी जमात के सदस्यों की जानकारी संबंधित थाने को दी जाए. साथ ही जमात के सदस्यों और कश्मीर से शॉल व अन्य सामान बेचने आने वालों को अपने-अपने जिलों से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लाना अनिवार्य बताया गया है.
हर साल बड़ी संख्या में जमात के लोग आगरा आते हैं. वे केंद्र में ठहरने के बाद शहर की कई मस्जिदों में रहते हैं, जिनमें मंटोला क्षेत्र भी शामिल है. इसी तरह कश्मीर से भी बड़ी संख्या में नौजवान नवंबर से जनवरी तक शॉल और गर्म कपड़े बेचने के लिए आगरा पहुंचते हैं. दिल्ली धमाकों के बाद पूरे देश में अलर्ट जारी कर दिया गया है.
दिल्ली ब्लास्ट केस में जांच एजेंसियों ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है. उनमें से डॉक्टर शाहीन के भाई डॉक्टर परवेज अंसारी ने अपनी एमएस की डिग्री एसएन मेडिकल कॉलेज से हासिल की थी. एजेंसियां उनसे भी पूछताछ कर रही हैं. इन परिस्थितियों को देखते हुए आगरा पुलिस ने विशेष सतर्कता बरत रही है. पुलिस ने इमामों को निर्देश दिया है कि किसी भी जमात के सदस्य के मस्जिद में ठहरने की जानकारी तुरंत थाने को दें.
प्रशासन जमात के सदस्यों से कहा है कि वे अपने जिलों से कैरेक्टर सर्टिफिकेट लेकर आएं. कश्मीरी व्यापारियों और जमात के लोगों को घर किराए पर देने वालों से भी कहा गया है कि वे पुलिस को इसकी सूचना दें. इसी मुद्दे पर ऑल इंडिया जमीयत-ए-कुरैश की बैठक मंटोला में आयोजित हुई. ऑल इंडिया जमीयत-ए-कुरैश जिला अध्यक्ष अदनान कुरैशी ने कहा कि "जमात सिर्फ इस्लाम की बातें करती है और रोजा-नमाज की सलाह देती है, उसका राजनीति से कोई संबंध नहीं है."
अदनान कुरैशी ने कहा कि यह व्यवस्था कई दशकों से चली आ रही है.उन्होंने बताया कि दिल्ली में तबलीगी जमात के हेडक्वार्टर में हुई बैठक में फैसला लिया गया कि अगर भविष्य में सरकार ऐसे कदम उठाती है तो वे सड़क पर उतरकर विरोध करेंगे. इस संबंध में इंस्पेक्टर मंटोला देवकरण सिंह ने कहा कि इमामों से सिर्फ इतना कहा गया है कि वे मस्जिदों में ठहरने वाली जमातों की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं.