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Asaduddin Owaisi Bahraich Rally: मानसून की बारिश ने भले ही उत्तर प्रदेश की तपती जमीन को ठंडक पहुंचा दी हो, लेकिन 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सियासत का तापमान लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी चुनावी हलचल के बीच बहराइच से AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा सियासी संदेश दिया, जिसने न सिर्फ बीजेपी बल्कि समाजवादी पार्टी को भी टेंशन में डाल दिया है.
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मानसून की दस्तक के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासत का पारा लगातार चढ़ता जा रहा है. चुनावी तैयारियों के बीच सियासी दल अपने-अपने जनाधार को मजबूत करने में जुट गए हैं. इसी क्रम में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने भी उत्तर प्रदेश में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने बहराइच में एक बड़ी जनसभा को संबोधित कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया.
इतवार की देर शाम बहराइच जिले के मटेरा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित जनसभा के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने पार्टी की आगामी रणनीति का संकेत देते हुए हुंकार भरी. शंकरपुर चौराहा पर हुई सभा में उन्होंने मटेरा विधानसभा सीट से शौकत अली को अपना उम्मीदवार किया. इस ऐलान के बाद ओवैसी ने AIMIM की तरफ से आगामी चुनाव को लेकर शंखनाद कर दिया है.
इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी संविधान और इंसाफ की लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने कहा कि संविधान का पहला पन्ना ही इंसाफ और बराबरी की बात करता है, उनकी पार्टी उसी रास्ते पर चल रही है. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रदेश में अपना सियासी नेतृत्व तैयार करें और उसे मजबूत बनाएं.
ओवैसी ने कहा कि शौकत अली के नेतृत्व में पार्टी उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत पहचान बनाएगी. उन्होंने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में पार्टी और मजबूती के साथ जनता के बीच पहुंचेगी. अपने संबोधन के दौरान उन्होंने विपक्षी दलों पर करारा हमला बोला.
ओवैसी ने कहा कि अगर कोई भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में आने से रोकना चाहता है तो उनकी पार्टी मदद के लिए तैयार है. हालांकि उन्होंने साफ कहा कि ऐसा सहयोग सम्मानजनक आधार पर होना चाहिए. उन्होंने कहा, "अब दरी बिछाने की बात नहीं होगी, अब हिस्सेदारी की बात होगी." बिहार चुनाव के बाद अब यूपी में दरी की एंट्री हो गई.
उनके इस बयान को प्रदेश की सियासत में भागीदारी और प्रतिनिधित्व की मांग के रूप में देखा जा रहा है. सभा में मौजूद समर्थकों ने उनके इस बयान पर तालियों से स्वागत किया. इस दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी लगातार यह कहती रही है कि उनकी सियासत से भारतीय जनता पार्टी को फायदा होता है, लेकिन जनता अब ऐसे आरोपों को समझ चुकी है.
AIMIM प्रमुख ने बिहार और पश्चिम बंगाल के चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी पार्टी को रोकने की कोशिश पहले भी हुई, लेकिन जनता ने उन्हें स्वीकार किया. ओवैसी का कहना था कि उनकी पार्टी लगातार अपने जनाधार का विस्तार कर रही है और लोगों का समर्थन बढ़ रहा है.
हैदराबाद के सांसद ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश के नौजवानों में नई सियासी जागरूकता पैदा हो रही है. उनके मुताबिक आने वाले समय में सिर्फ मटेरा ही नहीं, बल्कि प्रदेश की कई विधानसभा सीटों पर इसी तरह का माहौल देखने को मिलेगा. उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करेगी और अपने विचारों के साथ आगे बढ़ेगी.
जनसभा के दौरान ओवैसी ने उत्तर प्रदेश सरकार को भी घेरा. उन्होंने राज्य की मुठभेड़ नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि कानून का शासन संविधान की सीमाओं के भीतर होना चाहिए. उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुछ बयानों का जिक्र करते हुए महिलाओं की सुरक्षा और न्याय से जुड़े मुद्दों को भी उठाया.