Aligarh Mob Lynching Case: अलीगढ़ में मुस्लिम नौजवनौं की कथित प्रतिबंधित मांस ले जाने के नाम पर बेरहमी से पिटाई करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज सपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम के कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की.
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Aligarh News Today: अलीगढ़ जिले के अलहदापुर में शनिवार (25 मई) को कथित गौ रक्षकों और असामाजिक तत्वों ने चार मुस्लिम नौजवानों से मारपीट की और उनकी गाड़ियों में प्रतिबंधित मांस होने का आरोप लगाते हुए आग लगा दी. इस घटना के उत्तर प्रदेश में सियासी पारा हाई हो गया. मुस्लिम नौजवनों की पिटाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे.
इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और ऑल इंडिया मजलिस इत्तेहादुल मुस्लिमीन के कार्यकर्ताओं ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की. विपक्षी दलों के नेताओं ने आरोप लगाया कि मुस्लिम नौजवानों की बीजेपी और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने बेरहमी से पिटाई की थी. उन्होंने इस घटना को भारतीय संविधान और अल्पसंख्यक समुदाय के मौलिक अधिकारियों पर सीधे प्रहार बताया है.
इस दौरान समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने घटना में दोषियों को जल्द से गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है, जबकि पीड़ित को उचित मुआवजा देने और प्रभावी सुरक्षा देने की मांग की. विरोध प्रदर्शन के दौरान सियासी दलों ने समाज में सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले संगठनों की उच्च स्तरीय जांच कराकर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है.
जून माह में ईद-उल-अजहा का पवित्र त्योहार है. ऐसे में त्योहार के दौरान मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में शांति व्यवस्था, सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए उचित सुरक्षा व्यवस्था करने की मांग की. सपा, कांग्रेस और एआईएमआईएम पदाधिकारियों ने अलीगढ़ में मुस्लिम नौजवानों की पिटाई करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्रवाई न करने पर बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी.
बता दें, अलीगढ़ के अलहदादपुर में मीट सप्लायरों के साथ हुई मॉब लिंचिंग की घटना को लेकर AIMIM, समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान पुलिस कर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई. इस दौरान समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक वीरेश यादव धक्का-मुक्की में जमीन पर गिर पड़े.
स्थिति बिगड़ती देख SSP संजीव सुमन खुद ऑफिस से बाहर आए और प्रदर्शनकारियों से शालीनता बनाए रखने की अपील की. उन्होंने सपा और कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के 10 सदस्यों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया और उनकी बात सुनी. हंगामे के चलते मौके पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया. प्रदर्शनकारी आरोपियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे थे.