Waqf Umeed Portal: वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने की समय सीमा खत्म हो चुकी है. इसी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, सांसद असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद ने अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की और 6 महीने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की, ताकि सभी वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराया जा सके. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Waqf Umeed Portal: वक्फ संशोधन कानून 2025 के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला चल रहा है. इसी बीच केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू ने 6 जून 2025 को उम्मीद पोर्टल लॉन्च कर दिया और देश में मौजूद सभी वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज (अपलोड) कराने का आदेश जारी किया. बीते 6 दिसंबर को उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को दर्ज कराने की समय सीमा खत्म हुई, लेकिन तकनीकी खामियों की वजह से अभी भी पूरी तरह से वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज नहीं किया जा सका.
वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने की समय सीमा में बढ़ोतरी को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य, सांसद असदुद्दीन ओवैसी और सांसद चंद्रशेखर आजाद अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू से मुलाकात की. डेलिगेशन ने अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू से मांग की कि उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को दर्ज कराने के लिए 6 महीने की समय सीमा बढ़ाई जाए.
इससे पहले मुस्लिम इदारों और रहनुमाओं की मांग पर किरेन रिजिजू ने कहा था कि जिन लोगों ने वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन तकनीकी समस्याओं की वजह से नहीं करा पाएं, वे तीन महीने के अंदर वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करा लें. इस समय सीमा के अंदर उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी. लेकिन आज 11 दिसंबर को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की सदारत में एक डेलिगेशन, जिसमें सांसद असदुद्दीन ओवैसी और चंद्रशेखर आजाद भी मौजूद थे, ने मांग 6 महीने की समय सीमा बढ़ाने की मांग की है ताकि सभी वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराया जा सके.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 6 महीने में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराया गया. उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र में दूसरे नंबर पर सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराया गया. उम्मीद पोर्टल पर देश भर में टोटल 5.17 लाख वक्फ संपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिनमें से 2.16 लाख वक्फ संपत्तियों को मंजूरी मिल चुकी है.