Ajmer News: अजमेर से एक मुस्लिम बेटी ने सीए का एग्जाम पास किया है. इस मौके पर उनके वालिद ने खुशी का इजहार किया और लोगों से अपील की वे एक रोटी खा लें, लेकिन अपने बच्चों को एजुकेशन जरूर दें.
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Ajmer News: तालीम, तरबियत और तरक्की की मिसाल बनी अजमेर की बेटी इल्लिन फ़ातिमा ने इतिहास रच दिया है. अजमेर की तारीख़ में पहली बार किसी मुस्लिम बेटी ने चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने में कामयाबी हासिल की है. इस उपलब्धि ने न सिर्फ़ उनके परिवार को बल्कि पूरे मुस्लिम समुदाय को गर्व से भर दिया है.
इल्लिन फ़ातिमा की इस कामयाबी पर मुस्लिम वेलफेयर एंड एजुकेशन समिति, अजमेर की जानिब से उनका ज़ोरदार इस्तक़बाल किया गया. इस मौके पर उन्हें फूल-मालाओं से नवाज़ा गया और उनकी मेहनत व लगन की सराहना की गई.
फ़ातिमा के वालिद अब्दुल हमीद ख़ान ने अपनी खुशी का इज़हार करते हुए बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं, जिन्हें उन्होंने शरीयत के मुताबिक़ तालीम दिलाई. उन्होंने बताया कि उनकी बेटियों ने दीनी और दुनियावी दोनों तालीम में कामयाबी हासिल की है. अब्दुल हमीद ख़ान ने कहा कि वे अल्लाह के शुक्रगुज़ार हैं और हर मां-बाप से गुज़ारिश करते हैं कि वे भी अपनी बेटियों की तालीम पर ज़ोर दें ताकि समाज में तरक़्क़ी का पैग़ाम फैले.
इल्लिन फातिमा के वालिद ने कहा कि वह राज्य की पहली ऐसी मुस्लिम बच्ची है जो सीए बनी है. उन्होंने आगे कहा कि लोग इस बात पर ध्यान नहीं देते हैं कि हमें एजुकेशन पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने पैगंबर मोहम्मद की हदीस का जिक्र करते हुए कहा कि अगर आपको इल्म हासिल करने के लिए चीन तक जाना पड़े तो जाएं. मैं आप लोगों से गुजारिश करना चाहता हूं कि आप आधी रोटी खाइये लेकिन अपने बच्चों को बेहतर तालीम देने की कोशिश करिए. ये आजकल के दौर में काफी जरूरत है.
इल्लिन फ़ातिमा की इस कामयाबी पर अजमेर की कई मुस्लिम तंजीमों ने भी फख्र का इज़हार किया है. अजमेर मुस्लिम वेलफेयर एंड एजुकेशन समिति के सदस्य सैय्यद रब नवाज़ जाफ़री, यू. डी. ख़ान, डॉ. सैय्यद मंसूर अली, हाजी नफ़ीस अहमद, एडवोकेट मंज़ूर अली, हसन मोहम्मद, अकरम सिद्दीकी, फ़रीद हुसैन और अकील अहमद ने फ़ातिमा को उनकी जीत की बधाई दी.
समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि इल्लिन फ़ातिमा ने जिस तरह मेहनत और लगन से कामयाबी हासिल की है, वह न सिर्फ़ उनके परिवार बल्कि पूरे शहर और समुदाय के लिए प्रेरणा है. उन्होंने कहा कि समाज में बेटियों की तालीम और तरक़्क़ी ही असली कामयाबी का रास्ता है.