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Al Falah University: पिछले कुछ दिनों में लाल किले के पास हुए भयानक धमाके में कम से कम 13 लोगों की जान चली गई. इस मामले में चल रही जांच के चलते दावा किया गया कि फरीदाबाद के अलफला मेडिकल कॉलेज और यूनिवर्सिटी से जुड़े एक संभावित आतंकी नेटवर्क की पहचान हो गई है, लेकिन इसी बीच 13 नवंबर को कॉलेज में MBBS काउंसलिंग का आखिरी राउंड ज़ोरों पर चल रहा था. हालांकि, सवाल उठ रहा है कि क्या एडमिशन के बाद अब स्टूडेंट्स का करियर खतरे में है.
यूनिवर्सिटी एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, इस साल के लिए रिज़र्व 150 में से सभी सीटें भर चुकी हैं. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने कहा है कि वह मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने के बाद ही जांच एजेंसियों को अपना औपचारिक रुख बताएगा और जांच के आधार पर ही आगे की कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा.
अलफला स्कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर को 2019 में NMC ने MBBS बैच को एडमिशन देने की मंजूरी दी थी. कॉलेज के इस डिपार्टमेंट में 150 स्टूडेंट हैं. हरियाणा डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च राज्य भर के सभी मेडिकल कॉलेजों में NEET के आधार पर एडमिशन कराता है. UG स्टूडेंट्स के डॉक्यूमेंट्स का फॉर्मल वेरिफिकेशन PGIMS रोहतक में होता है.
अगस्त से अक्टूबर तक तीन काउंसलिंग राउंड होने के बावजूद, 15 सीटें खाली रही थीं, जिन्हें 13 नवंबर के राउंड में भरा गया है. कॉलेज की एडमिशन कमिटी के एक मेंबर ने कहा कि स्टूडेंट्स अक्सर बेहतर कॉलेज चुनना पसंद करते हैं, इसीलिए पहले तीन राउंड किए जाते हैं.
इस बारे में मेडिकल एजुकेशन एक्सपर्ट और PGIMS रोहतक में प्रोफेसर और हरियाणा स्टेट मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. वी व्याक सिंह मलिक का कहना है कि एक घटना से पूरे कॉलेज या यूनिवर्सिटी की रेप्युटेशन तय नहीं होती. कॉलेज प्राइवेट है, लेकिन उसे NMC के सभी नियम मानने पड़ते हैं.
फीस दूसरे प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों से कम है, इसलिए स्टूडेंट्स इसे पसंद करते हैं. क्या कॉलेज की मंज़ूरी वापस ली जा सकती है? इस सवाल पर NMH के एक सीनियर ऑफिसर ने कहा कि अगर ज़रूरी हुआ तो सरकार इंस्टीट्यूशन का मैनेजमेंट अपने हाथ में ले सकती है.
अभी कॉलेज में सैकड़ों स्टूडेंट्स पढ़ रहे हैं, हम उनके भविष्य से कोई कॉम्प्रोमाइज़ नहीं कर सकते. इस बीच, दिल्ली कार बम केस में फरीदाबाद की अलफला यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी पर एडमिनिस्ट्रेशन का शिकंजा कस रहा है. महू में उनके घर को गिराने की तैयारी चल रही है.
दिल्ली कार बम धमाकों के आरोपियों के अल-फला यूनिवर्सिटी से जुड़े होने की वजह से इंस्टीट्यूशन और उसके अधिकारियों के खिलाफ जांच चल रही है. यूनिवर्सिटी के चेयरमैन मोहम्मद जवाद अहमद सिद्दीकी मध्य प्रदेश के महू के रहने वाले हैं. जवाद का पुश्तैनी घर महू के कायस्थ मोहल्ले में है. डर है कि जल्द ही इस घर पर बुलडोजर चल सकता है. महू कैंटोनमेंट बोर्ड ने घर के एक हिस्से को गैर-कानूनी बताते हुए उसे गिराने का नोटिस जारी किया है.