Fatwa against Encroachment on Waqf properties: उत्तर प्रदेश में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा को लेकर अक्सर विवाद होता रहा है. इसी बीच अलीगढ़ में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जे के खिलाफ फतवा जारी हुआ है. ऐसा करने वालों के खिलाफ मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने शरियत के तहत सजा की मांग की है. साथ ही पीएम मोदी और सीएम योगी से खास कार्रवाई की अपील की है.
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Uttar Pradesh News Today: देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा वक्फ संपत्तियां हैं, और आए दिन इन पर अवैध तरीके से कब्जा करने की खबरें आती रही हैं. अलीगढ़ से आई एक अहम खबर ने वक्फ संपत्तियों को लेकर नई बहस छेड़ दी है. गरीबों और जरूरतमंदों के हक की बात करते हुए एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने इस मुद्दे को फिर से सुर्खियों में ला दिया है.
दरअसल, मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता उत्तर प्रदेश के शाही चीफ मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने वक्फ प्रॉपर्टी पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक फतवा जारी किया है. इस फतवे में कहा गया है कि जो लोग वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा किए हुए हैं, उनके खिलाफ शरीयत कानून के हिसाब से सजा दी जानी चाहिए.
मौलाना चौधरी इफराहीम हुसैन ने साफ तौर पर कहा कि वक्फ प्रॉपर्टी किसी एक मजहब या समुदाय के लिए नहीं होती, बल्कि इसका असली मकसद समाज के हर मजलूम और गरीब शख्स की मदद करना है. उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि वक्फ की संपत्तियों का फायदा सिर्फ मुसलमानों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि गरीब हिंदू, सिख और ईसाई समुदाय के लोगों को भी इसका फायदा मिलना चाहिए.
चौधरी इफराहीम हुसैन ने अपने बयान में केंद्र और राज्य सरकार से भी खास अपील की है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार को चाहिए कि वे वक्फ प्रॉपर्टी पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें और इन संपत्तियों को मुक्त कराएं, ताकि इनका सही इस्तेमाल जरूरतमंदों के लिए किया जा सके.
मुस्लिम पर्सनल दारुल इफ्ता उत्तर प्रदेश के शाही चीफ ने आगे कहा कि जो लोग वक्फ की जमीन या संपत्ति पर कब्जा किए हुए हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए और शरीयत के मुताबिक उन्हें सजा दी जानी चाहिए.
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भारत में कितनी है वक्फ संपत्तियां?
देश में वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा का मामला हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है. कई मामले ऐसे हैं, जिनमें वक्फ बोर्ड को अपनी ही संपत्ति हासिल करने के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी. वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा के बीच लोग जानना चाह रहे हैं कि देश में कितनी संपत्तिय वक्फ के नाम से रजिस्टर्ड है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वक्फ बोर्ड के पास मौजूद जमीन और संपत्तियों के मामले में उत्तर प्रदेश देश में सबसे आगे है.
2025 तक के WAMSI पोर्टल और अल्पसंख्यक मंत्रालय के डेटा के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड को मिलाकर करीब 2.15 लाख से 2.32 लाख अचल संपत्तियां रजिस्टर्ड हैं. यह संख्या देश की कुल वक्फ संपत्तियों का लगभग 27 फीसदी हिस्सा है, जो इसे इस मामले में नंबर एक बनाती है. अगर अन्य राज्यों की बात करें तो पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर है, जहां करीब 80,480 वक्फ संपत्तियां हैं. इसके बाद पंजाब में लगभग 75,965 तमिलनाडु में 66,092 और कर्नाटक में करीब 62,830 वक्फ संपत्तियां रजिसटर्ड हैं.
देशभर में वक्फ संपत्तियों की कुल संख्या लगभग 8.72 लाख बताई जा रही है. ये संपत्तियां करीब 9.4 लाख एकड़ जमीन में फैली हुई हैं, जबकि कुछ अनुमानों के मुताबिक यह आंकड़ा 38 लाख एकड़ तक भी बताया जाता है. इन संपत्तियों की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये के आसपास मानी जाती है. खास बात यह है कि वक्फ बोर्ड को भारत में जमीन के बड़े मालिकों में गिना जाता है. माना जाता है कि वक्फ बोर्ड, रक्षा मंत्रालय और भारतीय रेलवे के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा भूमि स्वामी है.
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