Aligarh Mob Lynching Case: अलीगढ़ में भैंस के मांस के शक में चार मीट कारोबारियों की भीड़ ने बेरहमी से पिटाई की थी. इस मामले में पुलिस ने 4 गिरफ्तार किए. एफएसएल रिपोर्ट में भैंस का मांस पाया गया है.
Trending Photos
)
Aligarh Mob Lynching Case: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में गोमांस ले जाने के शक में 4 मीट कारोबारियों की हिंदू संगठन और भीड़ ने पिटाई कर दी, जिससे चारों गंभीर रूप से घायल हो गए. अलीगढ़ पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया है. वहीं पुलिस ने मौके से मिले मांस को जांच के लिए FSL लैब भेजा था. अब मांस की रिपोर्ट आ गई है.
पुलिस के मुताबिक, एफएसएल लैब की जांच रिपोर्ट में मांस के भैंसे का होने की पुष्टि हुई है. अलीगढ़ के एसपी संजीव सुमन ने बताया कि मांस को जांच के लिए एफएसएल लैब भेजा गया था. जांच में पता चला कि मांस भैंसे का है. पुलिस हमलावरों की पहचान कर रही है और जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ़्तारियां की जाएंगी
VHP के अधिकारी ने सुबह में कही थी ये बात
विश्व हिंदू परिषद ने आज सुबह पनेठी में मीट व्यापारी के साथ मारपीट की घटना को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी स्थिति स्पष्ट की. विश्व हिंदू परिषद के नेता हमुकेश राजपूत ने कहा कि "घटना के संबंध में जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है. विहिप और बजरंग दल का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही संगठन की ओर से कोई निर्णय लिया जाएगा.
गोरक्षकों पर उठ रहा है सवाल
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या हिंदू संगठन के लोग गोरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी और अवैध वसूली कर रहे हैं? क्योंकि कई बार कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि हिंदू संगठन के लोग मीट कारोबारियों से अवैध वसूली का धंधा करते हैं. अगर मीट कारोबारी पैसे देने से इनकार करते हैं तो उनके साथ मारपीट की जाती है और उनके गाड़ियों पर हमला किया जाता है. हरियाणा और यूपी में सबसे ज्यादा गोरक्षकों का आतंक हैं.
गोरक्षक करते हैं अवैध वसूली
द इकोनॉमिक टाइम्स और कई मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हरियाणा और उत्तर प्रदेश में गोरक्षकों की अवैध वसूली बहुत बढ़ गई है. अली मोहम्मद नाम के एक शख्स ने कहा कि जिले के बॉर्डर पर ये लोग भैंस से भरे ट्रकों को रोकते हैं और पैसे मांगते हैं. अगर पैसे नहीं मिलते तो भैंस को जब्त कर लेते हैं और “गौ हत्या” का बहाना बनाकर हंगामा करते हैं. कई बार ये लोग मांस कारोबारी से मारपीट भी करते हैं और कभी-कभी जानबूझकर उनकी हत्या तक करने की कोशिश करते हैं.
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 24 मई को कथित गौरक्षकों के एक संगठन ने चार मीट व्यापारियों की मॉब लिंचिंग की कोशिश की थी. इस घटना में चारों व्यापारी गंभीर रूप से घायल हो गए. पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज भेज दिया. चारों पीड़ितों का इलाज अभी भी चल रहा है. एक व्यक्ति की हालत गंभीर है. इस संबंध में पुलिस हमलावरों के खिलाफ दो मुकदमा दर्ज किया है.