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Sambhal Jama Masjid News: संभल हिंसा मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि हिंसा के सभी आरोपियों का एक साल के अंदर ट्रायल पूरा किया जाए. दरअसल, कई मामलों में आरोपी बनाए गए लोग बिना ट्रायल के ही सालों तक जेल में रहते हैं. इससे लोगों का न्याय व्यवस्था पर से भरोसा हटने लगता है. वहीं, संभल हिंसा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस मामले की ट्रायल एक साल के भीतर पूरा कराने का आदेश दिया है.
साथ ही इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जिला जज को निर्देशित किया है कि इस केस को किसी विशेष अदालत में हस्तांतरित कराएँ, जिससे ट्रायल एक साल के अंदर पूरा किया जा सके. हाईकोर्ट ने संभल के SP को भी निर्देशित करते हुए कहा कि संभल हिंसा के संबंधित गवाहों की उपस्थिति सुनिश्चित करें.
हाई कोर्ट ने इस मामले को हल करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का भी इस्तेमाल करने और सहयोग लेने का निर्देश दिया है. बता दें कि संभल जामा मस्जिद सर्वे के दौरान साल 2024 में पुलिस और मुस्लिम समाज के बीच हिंसा भड़क गई थी.
इन सब के बीच संभल में धारा 163 (पहले 144) के तहत कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. क्योंकि, 19 नवंबर 2024 को महंत ऋषिराज गिरी ने संभल जामा मस्जिद को हरिहर मंदिर बताते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. इस याचिका के दायर होने के एक साल पूरा होने पर महंत ऋषिराज गिरी ने संभल जामा मस्जिद की परिक्रमा करने और पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है.
इस ऐलान के बाद मस्जिद के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है और इलाके में कर्फ्यू लागू कर पदयात्रा पर रोक लगा दी गई है. वहीं, महंत ऋषिराज ने कहा है कि पदयात्रा निकालना उनका अधिकार है. महंत ने कहा कि प्रशासन का काम है, पदयात्रा को सुरक्षित रूप से संपन्न कराना.