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Prayagraj News Today: उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक मदरसे में लाखों रुपये के वजीफे में भ्रष्टाचार में बड़ा मोड़ सामने आया है. जहां इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कथित वजीफा घोटाले के आरोप में एक मुस्लिम महिला प्रबंधक को सशर्त जमानत दी है. इस मालमे में लगभग 6 साल पहले इकॉनोमिक्स ऑफेंस विंग (EOW) ने महिला प्रबंधक के खिलाफ वजीफा की रकम में भ्रटाचार करने के आरोप में केस दर्ज किया था. लोग इस मामले को 2 G घोटाले से जोड़ रहे हैं, जिसके बारे में काफी शोर मचाया गया लेकिन बाद में ये पूरा मामला ही फर्जी साबित हुआ..किसी पर आरोप साबित नहीं हुए और सामने ये आया कि इस नाम का कोई घोटाला ही नहीं हुआ..
दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वजीफा घोटाले के आरोप में जेल में बंद मदरसा प्रबंधक मोहसिना खान को सशर्त जमानत दे दी है. यह मामला मेरठ के जाकिर कॉलोनी स्थित मदरसे से जुड़ा हुआ है, जहां मोहसिना खान प्रबंधक के पद पर तैनात थीं. याची पर आरोप है कि उन्होंने मदरसे के वजीफे की 5 लाख रुपये राशि का गबन किया.
इस मामले में 2019 में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने मदरसा प्रबंधक मोहसिना खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन जांच के दौरान छह साल तक पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की वजह से याची के खिलाफ कोई निर्णायक कार्रवाई नहीं हो पाई. मामले की जांच के बाद याची को मदरसा प्रबंधक पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
इस मामले में याची मोहसिना खान की ओर से पेश हुए वकील ने कोर्ट ने सुबूतों और जांच को आधार बनाते हुए दलील दी कि उन पर लगे सारे आरोप बेबुनियाद हैं. पूरे मामले में पुलिस ने भी जांच के दौरान यह माना कि याची के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं है. हाईकोर्ट ने सभी पक्षों की सुनवाई के बाद मोहसिना खान को सशर्त जमानत दी.
न्यायालय ने स्पष्ट किया कि जमानत मिलने के बावजूद याची को जांच में मदद करनी होगी और आगे की कार्रवाई में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा. इस जमानत के बाद मदरसा प्रबंधक मोहसिना खान जेल से रिहा होने का रास्ता साफ हो गया है. हालांकि, अभी पूरा मामला मामला न्यायालय की निगरानी में आगे बढ़ेगा.
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