HC on Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute: इलाहाबाद हाईकोर्ट में आज श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद पर सुनवाई. जबकि हाईकोर्ट की एक अन्य बेंच के सामने आगरा की जामा मस्जिद की सीढियों में गवान श्रीकृष्ण का विग्रह (प्रतिमा) दबा होने के मामले सुनवाई की. जानें कोर्ट ने क्या कुछ कहा?
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Krishna Janmabhoomi-Shahi Eidgah Dispute: मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद से जुड़े अहम मामलों पर आज शुक्रवार (7 नवंबर) को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. यह सुनवाई हाईकोर्ट की बेंच कोर्ट नंबर 81 में जस्टिस अविनाश सक्सेना की पीठ के सामने हुई. अदालत में दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी दलीलें पेश कीं. पूरी सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 12 दिसंबर 2025 की तारीख तय की है.
सुनवाई के दौरान शाही ईदगाह पक्ष की ओर से दायर स्टे एप्लीकेशन (स्थगन याचिका) पर बहस हुई. इस दौरान हिंदू पक्ष ने अदालत में अपना जवाब दाखिल किया. हिंदू पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि शाही ईदगाह पक्ष की मांग है कि विवादित परिसर से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई सिर्फ प्रतिनिधि वाद (Representative Suit) के तौर पर की जानी चाहिए. इसका मतलब यह है कि एक ही केस के जरिए पूरे विवाद का निपटारा किया जाए और अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई न हो. अदालत ने इस पर दोनों पक्षों को 12 दिसंबर तक अपना-अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
इसके अलावा कोर्ट में केस नंबर 3 पर भी सुनवाई की गई. यह मामला आगरा की जामा मस्जिद से जुड़ा हुआ है, जिसमें हिंदू पक्ष का दावा है कि मस्जिद की सीढ़ियों में भगवान श्रीकृष्ण का विग्रह (प्रतिमा) दबा हुआ है. हिंदू पक्ष यह दावा लंबे समय से करता आ रहा है. हालांकि, इस मामले पर अब तक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग यानी ASI ने अदालत में अपना जवाब दाखिल नहीं किया है.
इस पर हाईकोर्ट ने ASI को भी 12 दिसंबर 2025 तक अपना जवाब पेश करने का स्पष्ट आदेश दिया है. सुनवाई के बाद हिंदू पक्ष के वकील एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दोनों ही मामलों की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अगली तारीख 12 दिसंबर तय की है. उस दिन अदालत सभी पक्षों के जरिये दाखिल जवाबों पर विचार करेगी और उसके बाद ही आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाएगी.
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