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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में मदरसों की वैधता की जांच और बुलडोजर कार्रवाई से तंग आकर अरबी मदरसा कमेटी ने हाई कोर्ट का रुख किया है. अरबी मदरसा कमेटी की याचिका पर हाई कोर्ट ने सरकार से 4 महीने के भीतर जवाब देने को कहा है.
इस मामले में अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है. दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर राज्य के 558 सरकारी मदरसों का निरीक्षण करने का आदेश दिया था. यह निरीक्षण आर्थिक अपराध शाखा (EOW) द्वारा की जानी थी. उत्तर प्रदेश सरकार के इस आदेश के खिलाफ अरबी मदरसा कमेटी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में याचिका दायर की थी.
वहीं, मदरसा अरबिया के शिक्षक संघ ने भी उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बार-बार निरीक्षण करने के आदेश पर नाराजगी व्यक्त की है. बीते सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में अरबी मदरसा कमेटी की याचिका पर सुनवाई हुई. इस याचिका की सुनवाई जस्टिस संगीता चंद्र और जस्टिस बृज राज सिंह कर रहे हैं.
गौरतल है कि अरबी मदरसा उत्तर प्रदेश की प्रबंधक कमेटी के सदर अयाज मुस्तफा खान ने यह याचिका दायर की है. हाई कोर्ट में अरबी मदरसा कमेटी की ओर से वरिष्ठ वकील बीके सिंह, मोहम्मद अली औसाफ और गौरी शंकर मोर पेश हुए. वहीं, यूपी सरकार की मदरसा बोर्ड की ओर से सरकारी वकील अफजाल अहमद सिद्दीकी अदालत में पेश हुए.
उत्तर प्रदेश सरकार के वकील अफजाल अहमद सिद्दीकी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि इस मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होनी है और हाई कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से इस मामले पर जवाब दाखिल करने को कहा गया है.
उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार मदरसों को लेकर सख्त रुख अपना चुकी है. उत्तर प्रदेश प्रशासन की ओर से कथित अवैध मदरसों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत अवैध मदरसों पर बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है.