Uttar Pradesh News: बरेली में I Love Muhammad अभियान के तहत हुए प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी. इस मामले में पुलिस ने 52 लोगों के खिलाफ नामजद FIR दर्ज की. वहीं, दो लोगों ने इलाहाबाद हाई कोर्ट में याचिका दायर करके बरेली हिंसा मामले में अपने ऊपर दर्ज FIR को रद्द कराने की मांग की थी. कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया है. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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I Love Muhammad Bareilly News: उत्तर प्रदेश के बरेली में I Love Muhammad को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इस हिंसा के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रज़ा समेत 52 लोगों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया था. इस मामले गौहर खान और साकिब जमाल के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई थी. गौहर खान और साकिब जमाल ने इस fir के खिलाफ और अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी.
दोनों याचिकाकर्ताओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाने और FIR रद्द करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया. इस याचिका की सुनवाई जस्टिस अजय भनोट और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने की. इस याचिका को खारिज करते हुए कोर्ट ने कहा कि FIR रद्द करने का कोई आधार नहीं है.
वहीं, याचिकाकर्ताओं की ओर से कोर्ट में मौजूद वकील ने कहा कि बरेली हिंसा मामले में गौहर खान और साकिब जमाल को फंसाया जा रहा है. वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता हिंसा के वक्त घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे. वहीं, सरकार की ओर से कोर्ट में मौजूद वकील ने कहा कि याचिकाकर्ताओं ने न सिर्फ पुलिस पर हमला किया, बल्कि शांति और सांप्रदायिक सौहार्द को भी बिगाड़ने की कोशिश की. कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं पर लगे आरोप को गंभीर मानते हुए राहत देने से इंकार कर दिया.
गौरतलब है कि देश भर में चल रहे I Love Muhammad अभियान के तहत बरेली के आजाद मौदान में मौलाना तौकीर रज़ा की तरफ से प्रदर्शन का ऐलान किया गया था. उनके आह्वान पर सैकड़ों की तादाद में मुस्लिम समाज के लोगों ने 26 सितंबर को इस्लामिया कॉलेज ग्राउंड में विरोध मार्च निकाला. इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने की कोशिश की, जिसके बाद हिंसा भड़क गई.