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उमेश पाल हत्याकांड: बमबाज को पनाह, रेकी, साजिश… 4 आरोपी, 1 फैसला- HC ने जमानत की नामंजूर

Allahabad HC on Umesh Pal Murder Case: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उमेश पाल हत्याकांड के चार आरोपियों की जमानत याचिका खारिज दिया है. अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं और साक्ष्य प्रथम दृष्टया संलिप्तता दर्शाते हैं. सभी कथित आरोपियों की जमानत का सरकारी वकील ने पुरजोर विरोध किया था.

 

इलाहाबाद हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
इलाहाबाद हाईकोर्ट (फाइल फोटो)

Umesh Pal Murder Case Update: बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने शुक्रवार को (7 नवंबर) को एक अहम आदेश दिया. दरअसल, इस मामले में पूर्व सांसद अतीक अहमद के बहनोई समेत चार आरोपियों को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है. हाईकोर्ट ने अतीक के बहनोई अखलाक, वकील विजय मिश्रा, ड्राइवर कैश अहमद और नौकर नियाज की जमानत याचिका खारिज कर दी है.

उत्तर प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद पूर्व सांसद और विधायक अतीक अहमद के रिश्तेदार और करीबियों ने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी. याचिका में चारों कथित आरोपियों ने कहा था कि उनका नाम एफआईआर में शामिल नहीं है. अतीक के बहनोई अखलाक की तरफ से पेश हुए वकील ने कोर्ट में दलील दी कि उन्हें सिर्फ अतीक अहमद का रिश्तेदार होने की वजह से फंसाया गया है.

वहीं, वकील विजय मिश्रा, अतीक अहमद के नौकर नियाज और ड्राइवर कैश अहमद ने भी खुद को निर्दोष बताया था और जमानत देने की मांग की थी. मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया. सरकारी वकील ने कोर्ट में बताया कि 24 फरवरी 2023 को हुए उमेश पाल हत्याकांड में शामिल बमबाज गुड्डू मुस्लिम को अखलाक ने पनाह दी थी. 

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सरकारी वकील के मुताबिक, उमेश पाल हत्याकांड के दौरान अतीक के ड्राइवर कैश अहमद और नौकर नियाज ने घटना से पहले रेकी की थी. वहीं वकील विजय मिश्रा भी हत्या की साजिश में शामिल था. हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी याचिकाकर्ताओं को राहत देने से इंकार कर दिया और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी.

उमेश पाल हत्याकांड में कब क्या हुआ?

बता दें, प्रयागराज में 24 फरवरी 2023 को धूमनगंज इलाके में उमेश पाल की बरहमी से हत्या कर दी गई थी. उमेश पाल बीएसपी विधायक राजू पाल हत्याकांड (2005) के मुख्य गवाह थे. उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर संदीप निषाद और राघव कुमार सेंगर पर दिनदहाड़े गोलीबारी की गई और देसी बम से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई. यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई थी, जिसमें हमलावर साफ नजर आए.

इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी पूर्व सांसद अतीक अहमद को बताया गया, उन्हें पुलिस ने साजिश का मास्टरमाइंड माना. इस केस में उनके भाई अशरफ का नाम भी शामिल था. वहीं, अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन अब भी फरार हैं. उनका बेटा असद पुलिस एनकाउंटर में मारा गया, जबकि उनके दो बेटे उमर और अली हत्या की साजिश के आरोप में जेल में बंद हैं. इस हमले में शामिल कई शूटर भी सामने आए, जिनमें अरमान, मोहम्मद गुलाम, विजय उर्फ उस्मान और साबिर पुलिस कार्रवाई में मारे गए. 

बमबाज के रूप में पहचाने गए गुड्डू मुस्लिम का नाम प्रमुख रूप से सामने आया, जो अब भी फरार है. वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी का चालक अरबाज भी पुलिस मुठभेड़ में मारा गया. इसके अलावा इस मामले में वकील खान शौलत हनीफ और सदाकत खां का नाम भी आरोपी के तौर पर सामने आया. पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, इस हत्याकांड में कुल 14 लोग नामजद किए गए, जिनमें से 6 मारे गए, 2 अभी भी फरार हैं, जबकि बाकी आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं.

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