)
Alwar Murder Case: राजस्थान के अलवर जिले से 14 साल पुराने बहुचर्चित हत्या मामले में बड़ा फैसला सामने आया है. अलवर एससी-एसटी कोर्ट ने शुक्रवार (21 नवंबर) को इस मामले में तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. जज अनीता सिंधल ने लम्बी सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया. यह मामला एक बेहद मामूली विवाद मुर्गी के मर जाने से शुरू हुआ था. इस बात से नाराज दोषियों ने खौफनाक कदम उठाया.
यह पूरा मामला अलवर जिले के भिवाड़ी थाना फेज-III क्षेत्र के हुसैपुर गांव का है. मामले में मृतक जाहिद के पिता कल्लू ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी. मृतक के पिता ने दावा किया था कि उसका बेटा जाहिद ट्रैक्टर लेकर गांव की ओर जा रहा था. रास्ते में आरोपी राजवीर उर्फ पप्पू की मुर्गी ट्रैक्टर के नीचे आकर मर गई. इसी बात को लेकर राजवीर नाराज हो गया.
जाहिद के माफी मांगने के बावजूद राजवीर की नाराजगी कम नहीं हुई और उसने खतरनाक मंसूबा बनाय. राजवीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर अगले दिन जाहिद को रास्ते में घेर लिया. शिकायत के मुताबिक, राजवीर और उसके साथियों ने पहले जाहिद से मारपीट की. इसके बाद राजवीर घर से बंदूक लाया और जाहिद को गोली मार दी. गोली लगने से जाहिद की मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया था और पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की थी.
इस मामले में शुरुआत में पांच आरोपियों को नामजद किया गया था. इनमें से एक आरोपी की मुकदमे के दौरान मौत हो गई, जबकि विक्रम नाम का आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है. पुलिस ने विस्तृत जांच के बाद राजवीर उर्फ पप्पू, संजय, सुभाष और विक्रम के खिलाफ चालान अदालत में पेश किया था. लगभग 14 सालों तक चली सुनवाई के दौरान अदालत में कई गवाह पेश किए गए और महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए.
सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीन आरोपियों राजवीर उर्फ पप्पू, संजय और सुभाष को हत्या का दोषी करार दिया. अदालत ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है. फरार चल रहे विक्रम के खिलाफ कार्यवाही अलग से जारी रहेगी. मामले में सरकारी पक्ष की ओर से एपीपी योगेंद्र खटाना ने पैरवी की.