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America report on India: अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाने के बाद अब मानवाधिकार के मुद्दे पर दबाव बढ़ा दिया है. मंगलवार को जारी अमेरिकी सरकार की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत ने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों से निपटने के लिए बहुत कम ठोस कदम उठाए हैं. यानी रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि केंद्र सरकार मानवाधिकार उल्लंघनों से निपटने में नाकामयाब रही है.
रिपोर्ट में पाकिस्तान को लेकर कहा गया कि उसने कभी-कभार ही ठोस कदम उठाए हैं. इस रिपोर्ट को अमेरिकी सरकार की तरफ से मोदी सरकार पर दबाव बनाने की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है. ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिता भारत से खार खाया हुआ है.
हालांकि, इस बार ट्रंप प्रशासन ने मानवाधिकार रिपोर्ट को काफी छोटा कर दिया है, भारत और पाकिस्तान पर तैयार अमेरिकी विदेश मंत्रालय के दस्तावेज़ में भी इस साल कटौती की गई है. पिछले कुछ सालों में भारत, चीन के बढ़ते प्रभाव को रोकने में अमेरिका का अहम सहयोगी रहा है. लेकिन हाल ही में ट्रंप द्वारा भारतीय सामान पर 50% आयात शुल्क लगाने के बाद रिश्तों में तनाव आ गया है. इसके पीछे वजह रूस से तेल लेना माना जा रहा है.
वहीं, पाकिस्तान अमेरिका का नॉन-नाटो सहयोगी है और इन दिनों ट्रंप प्रशासन ने उसके साथ संबंध और मज़बूत किए हैं. राष्ट्रपति ट्रंप और उनके अधिकारी लगातार पाकिस्तानी सेना से संपर्क में हैं और पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर को खुले तौर पर समर्थन दे रहे हैं. आलोचकों का कहना है कि ट्रंप राष्ट्रीय हितों की अनदेखी कर निजी फायदे उठा रहे हैं.