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Raebareli News Today: देश के सबसे बड़े सूबा उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय के लोगों के लगातार उत्पीड़न और हिंसा की खबर सामने आ रही हैं. विपक्षी दलों और मानवाधिकार संगठन इसके लिए प्रदेश की योगी सरकार को जिम्मेदार ठहरा रही हैं. उनका कहना है कि हिंदूवादी संगठन के जरिये मामूली विवाद पर मुसलमानों प्रशासनिक कार्रवाई कर दी जाती है, जबकि गंभीर अपराधों में शामिल दक्षिणपंथियों के खिलाफ कार्रवाई से परहेज किया जाता है.
हालांकि, यूपी में हिंदू मुसलमानों के बीच नफरत पैदा करने वालों को अक्सर मुंह की खानी पड़ती है. इसी तरह का एक मामला उत्तर प्रदेश के रायबरेली में देखने को मिला. रायबरेली में सोमवार (17 नवंबर) को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत ऐसा दृश्य देखने को मिला, जिसने वहां मौजूद हर शख्स को भावुक कर दिया. एक ही मंडप में, एक तरफ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हिंदू जोड़ों का विवाह संपन्न हो रहा था, तो दूसरी तरफ काजी साहब मुस्लिम जोड़ों का निकाह पढ़वा रहे थे. यह नजारा हिंदुस्तान की सदियों पुरानी गंगा–जमुनी तहजीब का जीवंत उदाहरण बन गया.
इसकी तस्वीरें सामने आने के बाद हर कोई जमकर तारीफ कर रहा है. जिला समाज कल्याण विभाग के जरिये आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में कुल 135 जोड़ों ने नई जिंदगी की शुरुआत की. इनमें 128 हिंदू जोड़े शामिल थे, जिनकी शादी पूरी रीति-रिवाज के साथ धार्मिक मंत्रोच्चार के बीच कराया गया. वहीं, 7 मुस्लिम जोड़ों का निकाह शरीयत के मुताबिक काजी साहब की मौजूदगी में पूरा कराया गया. एक ही मंच पर विवाह और निकाह का यह अनोखा आयोजन अब सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है.
समारोह के दौरान दुल्हनें लाल और गुलाबी जोड़ों में सजी थीं, जबकि दूल्हे शेरवानी और कुर्ता-पायजामे में नजर आए. हिंदू जोड़ों को रिवायती तरीके से मंगलसूत्र, सिंदूर और वरमाला पहनाई गई, जबकि मुस्लिम दुल्हनों को उनकी रिवायत के मुताबिक मेहर और दुआएं दी गईं. सभी 135 जोड़ों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 51 हजार रुपये की वित्तीय सहायता, एक-एक स्मार्टफोन, बर्तन, कपड़े और जरूरी घरेलू सामान तोहफा के रूप में दिया गया.
आयोजन स्थल पर हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग एक साथ बैठे थे. पूरे कार्यक्रम के दौरान न कोई भेदभाव दिखा और न कोई दूरी बल्कि दोनों समुदाय खुशी और शुभकामनाओं के साथ एक-दूसरे की खुशियों में शामिल दिखे. एक बुजुर्ग ने इस दृश्य को देखकर कहा, "यही असली हिंदुस्तान है. जहां एक ही मंडप में फेरे भी हों और निकाह भी. इससे खूबसूरत और क्या हो सकता है."
कार्यक्रम में मौजूद जिलाधिकारी और समाज कल्याण अधिकारी ने सभी नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया. अधिकारियों ने कहा कि यह आयोजन सिर्फ शादी कराने का जरिया नहीं है बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का मजबूत संदेश भी देता है.