)
Quran on Jihad Explanation: दिल्ली के लाल किले के पास हुए कार बम धमाके और भोपाल में जमियत उलेमा हिन्द के सदर महमूद मदनी के भोपाल में 'जिहाद' पर दिए बयान के बाद 'जिहाद' को लेकर बहस छिड़ गई है. दिल्ली धमाके में मारे गए आतंकवादी डॉ. नबी उमर ने एक वीडियो बनाया था जिसमें उसने साफ-साफ कहा था कि वह अल्लाह की राह में जिहाद कर रहा है. इसके बाद हिंदू संगठन एक्टिव हो गए और उन्होंने पूरे मुसलमानों को टारगेट करना शुरू कर दिया, साथ ही जिहाद को अपनी सहूलियत के हिसाब से डिफाइन भी किया. इसी सिलसिले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के चीफ महमूद मदनी ने "ज़ुल्म और जिहाद" को लेकर एक बयान दिया. इस बयान ने पूरे देश में जिहाद को लेकर एक नई बहस छेड़ दी. ऐसे में आज हम आपको बताएंगे कि जिहाद का असली मतलब क्या है, कुरान क्या कहता है, हिंदू संगठन इसकी क्या परिभाषा देते हैं और मौलाना मदनी ने ऐसा क्या कहा जिससे पूरे देश में नई बहस छिड़ गई है?
दरअसल, दिल्ली में लाल किले के पास 10 नवंबर को एक कार बम धमाका हुआ था. इस घटना में कम से कम 13 लोग मारे गए थे. बम धमाके के बाद जांच एजेंसियों ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी और उत्तर प्रदेश के कई डॉक्टरों को हिरासत में लेकर पूछताछ की. NIA ने जम्मू-कश्मीर के भी कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया. इस मामले में NIA की जांच अभी भी जारी है. इस बीच, लाल किले के पास आत्मघाती हमला करने वाले आतंकी डॉ. उमर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें उमर ने कहा कि वह अल्लाह की राह में जिहाद करने जा रहा है. इस वीडियो के वायरल होने के बाद हिंदू संगठनों के सदस्यों ने मुसलमानों के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है और सभी मुसलमानों को आतंकी के तौर पर देखना शुरू कर दिया है.
जमीयत चीफ के किस बयान पर मचा बवाल
इस बीच, जमीयत चीफ मदनी ने भोपाल में एक सभा में कहा था, "जब-जब ज़ुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा." साथ ही उन्होंने ज्यूडिशियरी और सरकार पर माइनॉरिटीज़ के अधिकारों को कमज़ोर करने का भी आरोप लगाया. लेकिन बाद में मदनी ने अपने बयान पर सफाई दी. न्यूज़ एजेंसी ANI को दिए एक इंटरव्यू में महमूद मदनी ने कहा, "लोगों को जिहाद के बारे में गलतफहमी है. जिहाद का असली मतलब है अपने मकसद को साफ तौर पर समझना, खुद को बेहतर बनाना और नाइंसाफी के खिलाफ़ आवाज़ उठाना. उन्होंने कहा कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद में शामिल होने के बाद से उन्होंने इसे अपनी ज़िंदगी का मिशन बना लिया है.

'आतंकियों ने जिहाद का निकाला गलत मतलब'
मदनी ने कहा कि आतंकवादियों ने जिहाद शब्द का गलत मतलब निकाला है. "हम जिहाद को आतंकवाद से लड़ना मानते हैं, आतंक फैलाना नहीं." उन्होंने आरोप लगाया कि "लव जिहाद" और "लैंड जिहाद" जैसे शब्द मुसलमानों को बदनाम करने के लिए बनाए गए हैं. उन्होंने साफ किया कि उनके बयान का आतंकवाद से कोई लेना-देना नहीं है. वह देश की तरक्की और सुरक्षा के लिए खड़े हैं और लोगों से पाकिस्तान की गलत सोच से सावधान रहने की अपील की.
जिहाद क्या है?
जिहाद का मतलब जंग नहीं है. जिहाद को सिर्फ जंग से नहीं जोड़ना चाहिए, क्योंकि अरबी और इस्लामी भाषाओं में जंग के लिए अलग-अलग शब्द इस्तेमाल होते हैं, जैसे "ग़ज़वा" या "मगाज़ी". जिहाद को लेकर कई गलतफ़हमियां हैं. कुरान यह भी कहता है कि बेगुनाह की जान लेना सबसे बड़ा गुनाह है और किसी एक इंसान की हत्या पूरी इंसानियत की हत्या के बराबर है. इसलिए आतंक या हिंसा को जिहाद कहना गलत है. असली जिहाद इंसान को बेहतर इंसान बनाने, समाज में इंसाफ कायम करने और ज़ुल्म के खिलाफ शांतिपूर्ण लड़ाई लड़ने का नाम है. लेकिन आजकल मुस्लिम दुनिया के कट्टरपंथियों ने जिहाद को हिंसा समझ लिया है. वहीं, पश्चिमी दुनिया जिहाद को "पवित्र जंग" के तौर पर दिखाती है. इस्लाम में कुरान और हदीस के हिसाब से दोनों मतलब गलत हैं. आज जिहाद को गलत तरीके से दिखाने में इस्लामी कट्टरपंथियों और पश्चिमी देशों, दोनों का बराबर का रोल रहा है.
कितने प्रकार के होते हैं जिहाद
जिहाद अरबी शब्द जिहाद से बना है. इसका मतलब है संघर्ष करना, कोशिश करना. कुरान में जिहाद के दो मुख्य टाइप बताए गए हैं. पहला जिहाद अल-अकबर और दूसरा जिहाद अल-असगर. अकबर का मतलब है बहुत बड़ा, महान, या बेहतर. असर का मतलब है बहुत छोटा. इस तरह जिहाद अल-अकबर सबसे बड़ा जिहाद है, जबकि जिहाद अल-असगर छोटा जिहाद है. इस तरह, जिहाद अल-अकबर इस्लामी आध्यात्मिकता और नैतिकता से जुड़ा है. कुरान और इस्लाम में जिहाद अल-अकबर, जिसमें अपने अंदर की बुराइयों से लड़ना शामिल है, बड़ा जिहाद है, जबकि तलवारबाजी छोटा जिहाद है, जिसका ज़िक्र जिहाद अल-असगर में किया गया है.
जिहाद अल-अकबर
दुनियाभर में मशहूर इस्लामिक स्कॉलर मरहूम इसरार अहमद के मुताबिक, कुरान में जिहाद अल-अकबर का मतलब है अपने और समाज के अंदर की बुराइयों से लड़ना, नस्लीय भेदभाव को रोकना और महिलाओं के अधिकारों के लिए कोशिश करना, एक बेहतर स्टूडेंट, एक बेहतर बिज़नेसमैन, एक बेहतर पार्टनर बनना, माता-पिता की सेवा करना, अपने नफ़्स (खुद) यानी इंद्रियों को कंट्रोल करना, और सबसे बढ़कर, गुस्से को कंट्रोल करना. यहां, जिहाद का मतलब है एक पवित्र जीवन जीने की कोशिश करना, निजी जीवन में धार्मिक मूल्यों को अपनाना, और अपने जीवन और खुद को आदर्श बनाकर इस्लामी नज़रिए का प्रचार करना.
जिहाद अल-असगर
जिहाद अल-असगर का मतलब काफिरों और पाखंडियों से लड़ना है. इसे दो हिस्सों में बांटा गया है. पहला, बोलकर और लिखकर जिहाद, और दूसरा, क़ितल जिहाद. पहले हिस्से में जब समाज में ज़ुल्म बढ़ जाता है, जब बुराई अच्छाई पर हावी होने लगती है और जब अच्छाई बुराई के आगे झुकने लगती है और जब सच पर चलने वालों को ज़ुल्म और ज़ुल्म सहना पड़ता है, तो इसे रोकने की कोशिश (संघर्ष) करना और इसके लिए कुर्बानी देना जिहाद अल-असगर है.

क्या है क़ितल जिहाद
पैगंबर मुहम्मद (SAW) के समय में भी जिहाद का मतलब सिर्फ लड़ाई नहीं था. इस्लामी स्कॉलर के मुताबिक, पैगंबर ने "क़ितल" (युद्ध) शब्द का इस्तेमाल सिर्फ़ अपनी सुरक्षा के लिए किया था और इसे जिहाद का छोटा रूप बताया था. शुरू में जब मुसलमान मक्का में थे, तो उन्हें ज़ुल्म, ज़ुल्म और विरोध का सामना करना पड़ा. उस समय, जिहाद का मतलब सब्र, धीरज और सच्चाई पर अडिग रहना था. बाद में जब पैगंबर अपने साथियों के साथ मदीना चले गए, तो मक्का में विरोधियों ने उन पर हमला करना शुरू कर दिया. इससे नई बनी मुस्लिम कम्युनिटी की सुरक्षा को खतरा था. ऐसी ही स्थिति में जिहाद की इजाज़त दी गई, जिसका मतलब सिर्फ़ अपनी जान, अपने धर्म और अपनी कम्युनिटी की रक्षा के लिए संघर्ष करना था. इसका मतलब किसी पर ज़बरदस्ती हमला करना नहीं था, बल्कि हमले से खुद को बचाना था.
कैसे बदल गया जिहाद का कॉन्सेप्ट
वहीं, पूरी दुनिया में किताली जिहाद, जो एक गुरिल्ला या मिलिट्री युद्ध है, जिहाद का सबसे बड़ा रूप बन गया है. जिहाद "सब्र" से "सैफ" बन गया है. सैफ का मतलब है हथियारों से लैस लड़ाई. आज दुनिया भर में जो हो रहा है, उसे इसी से जोड़कर देखा जा रहा है. जिहाद कभी तथाकथित कई भगवान मानने वालों, गैर-मुसलमानों के खिलाफ था. मुस्लिम दुनिया में कट्टरपंथियों का एक मुस्लिम ग्रुप दूसरे मुस्लिम ग्रुप के खिलाफ जिहाद का आह्वान करता है. इस तरह जिहाद का मतलब ही हथियारों से लैस लड़ाई बन गया है. इस तरह जिहाद का असली कॉन्सेप्ट कुरान के कॉन्सेप्ट से पूरी तरह बदल गया लगता है.