Amit Shah in Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल पर जारी गहमा गहमी के बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर गुमराह करने के आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड में नए संशोधन के बाद किसी गैर मुस्लिन को नहीं नियुक्त किया जाएगा. गृहमंत्री अमित शाह ने सदन में वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा में भाग लिया.
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Waqf Amendment Bill 2024 in Parliament: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वक्फ संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान विपक्ष पर इस पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाया. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश तोड़ देंगे आप लोग. अमित शाह ने अपने संबोधन में विपक्ष के जरिये लगाए जा रहे आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि वक्फ में न तो मुतवल्ली गैर मुस्लिम होगा और न ही कोई और इसका सदस्य होगा.
चर्चा में भाग लेते हुए अमित शाह ने कहा कि मैं देशभर के मुस्लिम भाई बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर- मुस्लिम नहीं आएगा. इस वक्फ में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. उन्होंने कहाकि हालांकि जो वक्फ बोर्ड और वक्फ परिषद का काम है, इसकी संपत्तियों को बेचकर खा जाने वालों को बार करने का. वक्फ की संपत्तियों को औने पौने दाम सौ- सौ साल तक किराये पर देने वालों को पकड़ना है.
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं आज ये साफ कर देना चाहता हूं कि मुस्लिम भाइयों की धार्मिक क्रिया कलाप और उनके बनाए दान से चलने वाला ट्रस्ट है. इसमें सरकार कोई दखल नहीं करना चाहती है." उन्होंने कहा, "वक्फ में मुतवल्ली भी उनका होगा, वाकिफ भी उनका होगा और वक्फ भी उनका होगा."
अमित शाह ने कहा कि वक्फ की संपत्ति का सही ढंग से रखरखाव हो रहा है या नहीं, इसका संचालन कानून के हिसाब से हो रहा या निजी उपयोग के हिसाब से हो रहा है. इसका जायजा लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सैकड़ों साल पहले किसी बादशाह ने दान किया था और अब इस संपत्ति को 12 हजार रुपये में पांच सितारा होटल बनाने के लिए दे दिया जाता है. यह उचित है क्या? गृहमंत्री ने कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल गरीब मुसलमानों के कल्याण के लिए होना चाहिए. तलाकशुदा महिलाओं और अनाथ बच्चों के कल्याण के करना चाहिए.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खुलासा किया कि वक्फ के पास लाखों करोड़ रुपये की जमीन है और उसकी आमदनी सिर्फ 126 करोड़ रुपये हैं. उन्होंने कहा कि जितनी भूमि रेलवे के पास है और उसका कारोबार चलता है, उतनी ही भूमि वक्फ के पास है. लेकिन हैरान करने वाली बात है कि आमदनी सिर्फ 126 करोड़ रुपये है. उन्होंने कहा कि नए वक्फ कानून से पारदर्शी आडिट का रास्ता साफ होगा और ऑनलाइन रिपोर्ट जमा करना होगा. बैलेंसशीट जमा करनी पड़ेगी और रिटायर्ड ऑफिसर ऑडिट की निगरानी करेंगे.
सदन में चर्चा के दौरान गृहमंत्री शाह ने कहा,"साल 2001 से 2012 के बीच दो लाख करोड़ की वक्फ की संपत्ति को निजी संस्थानों को 100 साल के लीज पर ट्रांसफर कर दिया गया." उन्होंने कहा, "बेंगलुरू में उच्च न्यायलय को हस्तक्षेप करना पड़ा और 602 एकड़ जमीन को जब्त करने से रोकना पड़ा. विजयपुर कर्नाटक के होनवार्ड गांव की 1500 एकड़ भूमि पर दावा करके उसको विवादित कर दिया गया. इसी तरह जिस भूमि का मूल्य 500 करोड़ रुपये है, उसे फाइव स्टार होटल को प्रतिमाह 12000 रुपये में किराये पर दे दिया गया." शाह ने कहा कि विपक्ष कहता है कि इन पैसों का हिसाब किताब ना करो, जबकि यह पैसा गरीब मुसलमानों का है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि वक्फ अरबी भाषा का एक शब्द है, इसका इतिहास हदीसों से जुड़ा हुआ मिलता है. आज इसका जिस मायने में इस्तेमाल किया जाता है, वह अल्लाह के नाम पर संपत्ति का दान करना. उन्होंने कहा कि इस्लामिक इतिहास के दूसरे खलीफा हजरत उमर साब के समय में वक्फ का उदय हुआ. वक्फ एक तरह की चैरिटेबल एंडोरमेंट है, जिसमें व्यक्ति पाक तरीक दान करता है और दान उसी का किया जाता है, जो वैधानिक ढंग से हमारा है. शाह ने कहा कि इसमें सरकारी संपत्ति या किसी दूसरी संपत्ति को दान नहीं किया जा सकता है.