Anti Muslim Graphity: कोलकाता की एक यूनिवर्सिटी में एंटी मुस्लिम ग्राफिटी बनाने पर भारी हंगामा हुआ है. छात्रों ने ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. इस ग्राफिटी में लिखा था कि कुत्तों और मुसलमानों की एंट्री वर्जित है.
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Anti Muslim Graphity: देश की राजधानी में कार-बम धमाके में कम-से-कम 13 लोगों की मौत के एक दिन बाद, कोलकाता स्थित इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टीट्यूट (ISI) में मुस्लिम विरोधी ग्रैफिटी मिलने से छात्रों में रोष फैल गया. हॉस्टल की दीवारों और दरवाज़ों पर 'Muslims and dogs should not enter the premises' और 'No dogs and Muslims' लिखा हुआ था. यानी मुसलमान और कुत्तों की यहां एंट्री नहीं है.
मंगलवार 11 नवंबर की सुबह छात्रों ने जब सीवी रमण हॉल- जो ग्रेजुएशन और पोस्टग्रेजुएशन के छात्रों के लिए बॉयज़ हॉस्टल है- इस ग्रैफिटी को देखा तो काफी बवाल हुआ. मेन गेट के एक हिस्से पर पहले से 'Dog shouldn’t enter the premises' (कुत्ते परिसर में नहीं घुसें) लिखा था. किसी ने इसके ऊपर सफेद चॉक से मुस्लिम भी जोड़ दिया, जिससे पूरा संदेश अब मुस्लिम और कुत्ते परिसर में न घुसें बन गया.
कई जगहों पर नो मुस्लिम अलाउड भी लिखा हुआ दिखाई दिया. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कॉलेज के एक डस्टबिन पर लिखा था कि केवल यही जगह मुसलमानों के लिए है. इस हरकत को अंजाम देने वाले लोगों ने ईस्ट विंग की सीढ़ियों को भी नहीं छोड़ा, वहां भी “No Dogs and Muslims” लिख दिया.
ऑल्ट न्यूज के मुताबिक छात्रों ने बताया कि ISI हॉस्टल के छात्रों ने बताया कि यह ग्रैफिटी सुबह 6:30 से 7:30 बजे के बीच लिखी गई. जो छात्र 6:30 बजे चाय पीने बाहर गए, उन्हें यह नहीं दिखी, पर 7:30 बजे बाहर आने वालों ने यह लिखावट देखी. इन तस्वीरों को इसके बाद व्हाट्सएप ग्रुप पर डाल दिया गया.
दोपहर में छात्रों ने मौखिक शिकायत की. ISI कोलकाता की निदेशक संगमित्रा बनर्जी, डीन बिश्वब्रत प्रधान और हॉस्टल वार्डन शुभमय मैत्रा ने छात्रों के साथ मौके का निरीक्षण किया. रिपोर्ट के मुताबिक छात्रों ने कहा कि हमने जांच की मांग की है और कहा कि हॉस्टल गेट पर लगे CCTV में आरोपी दिख सकता है. हमने फुटेज देखने की मांग की, पर प्रशासन ने मना कर दिया. प्रशासन ने सिर्फ इतना कहा कि वे जांच करेंगे.
इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मुसलमानों में नाराजगी दिख रही है. कॉलेज के हॉस्टल सेफ माने जाते हैं, जहां ऐसी हरकत हो सकती है और सीसीटीवी में किसी का पता नहीं लगता है तो वहां उनके बच्चे कितने सेफ हैं?