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Kanpur News Today: उत्तर प्रदेश के कानपुर में बीते 4 सितंबर को बारावफात के मौके पर 'I Love Muhammad' बैनर लगाए जाने को लेकर शुरू हुआ विरोध बढ़ता जा रहा है. इसकी वजह है कानपुर पुलिस कथित गैर-कानूनी कार्रवाई. इस मामले में पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के कई लोगों पर एफआईआर दर्ज किया है. अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और महाराष्ट्र में समेत देश के कई राज्यों में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है.
कल शुक्रवार (26 सितंबर) को बरेली में जुमे की नमाज के बाद आला हजरत मस्जिद पर विरोध प्रदर्शन हुआ. इस दौरान पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए मुसलमानों के जुलूस पर लाठियां बरसाईं. इसी तरह कल कासगंज, आगरा, मऊ समेत दूसरे जिलों में भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. जहां लोगों ने हाथ में 'I Love Muhammad' का बैनर लेकर जोरदार प्रदर्शन किया. सहारनपुर में 'I Love Muhammad' का पोस्टर लहराने पर पुलिस ने एक मुस्लिम नौजवान को गिरफ्तार कर लिया है.
'I Love Muhammad' को लेकर पुलिसिया कार्रवाई पर एसोसिएशन फॉर प्रोटक्शन ऑफ सिविल राइट्स (APCR) ने चौंकाने वाले आंकड़े शेयर किये हैं. APCR की रिपोर्ट के मुताबिक, 23 सितंबर तक देशभर में इस मामले में 21 एफआईआर दर्ज की गईं, जिनमें 1,324 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ और 38 को गिरफ्तार किया गया.
'द क्विंट' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 21 सितंबर को उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के काशीपुर में भी जुलूस के दौरान 'I Love Muhammad' का बैनर लगाया गया था. जुलूस के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गई थी. जिसके बाद पुलिस ने उन्नाव में 5 और उत्तराखंड में 8 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया.
दरअसल, कानपुर के रावतपुर थाना क्षेत्र के सैयद नगर इलाके में 4 सितंबर को मुस्लिम समुदाय की तरफ से बारावफात की जोरशोर से तैयारियां की जा रही थीं. पुलिस की तरफ से दर्ज एफआईआर में दावा किया गया है कि एक गेट को सजाकर उसके सामने सड़क पर 'I Love Muhammad' का लाइट बोर्ड लगाया गया था. पुलिस के मुताबिक, बोर्ड लगाकर एक नई परंपरा शुरू की गई है, क्योंकि इससे पहले ऐसा बोर्ड कभी नहीं लगाया गया था.
इतना ही नहीं यह भी दावा किया गया कि 5 सितंबर को बारावफात के जुलूस के दौरान कुछ अज्ञात नौजवानों ने रास्ते में लगे हिंदू धर्म से जुड़े पोस्टर फाड़ दिए. एफआईआर में यह भी लिखा गया है कि रावतपुर गांव में कुन्नू कबाड़ी के घर पर भी 'I Love Muhammad' का बैनर लगाकर नई परंपरा शुरू करने की कोशिश की गई, जिससे माहौल बिगड़ गया.
इस मामले में 10 सितंबर को रावतपुर थाने में पुलिस ने एफआईआर दर्ज किया है. इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने) और 299 (धर्म या जाति के नाम पर नफरत फैलाना) लगाई गई है. आरोपियों में जुलूस के आयोजक समेत आठ लोग नामजद हैं.
कानपुर वेस्ट के डीसीपी दिनेश त्रिपाठी ने कहा कि एफआईआर 'आई लव मोहम्मद' लिखने की वजह से नहीं हुई है बल्कि जुलूस के पारंपरिक रास्ते से अलग जगह टेंट और बैनर लगाने और दूसरे समुदाय के पोस्टर फाड़ने की वजह से दर्ज की गई है. हालांकि, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुलिस के दावों को खारिज करते हुए कहा, "न तो कोई टेंट लगाया गया और न ही कोई धार्मिक पोस्टर फाड़ा गया. एफआईआर पूरी तरह से झूठी है. हमें सजावट की इजाजत भी थी. इसके बावजूद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया."