Owaisi on West Bengal Election: पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद सियासत गरमा गई है. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने टीएमसी और अन्य दलों पर सॉफ्ट हिंदुत्व का आरोप लगाते हुए मुसलमानों से स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने की अपील की.
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Asaduddin Owaisi News: पश्चिम बंगाल और असम में BJP ने ऐतिहासिक जीत हासिल की है. बंगाल में BJP ने ममता के गढ़ में सेंध लगा दी है. बंगाल समेत तीन राज्यों में इस ऐतिहासिक जीत के बाद AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने TMC और अन्य राजनीतिक दलों पर "सॉफ्ट हिंदुत्व" अपनाने का आरोप लगाया है. साथ ही ओवैसी ने मुसलमानों से एक स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने की अपील की.
ओवैसी ने कहा कि सेक्युलर पार्टियां BJP के विस्तार को रोक नहीं पाएंगी. उन्होंने दावा किया कि TMC पश्चिम बंगाल चुनाव इसलिए हारी, क्योंकि वोटों का 'SIR' हुआ था और 'मुसलमानों पर ज़ुल्म' किया गया था. AIMIM चीफ ओवैसी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब सोमवार को BJP ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 206 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. इस जीत के साथ ही BJP ने दो-तिहाई से ज़्यादा बहुमत हासिल कर लिया. इस जीत के साथ ही तृणमूल कांग्रेस का 15 साल का शासन खत्म हो गया.
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उन्होंने दावा किया कि अतीत में दिल्ली में AAP महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) और तत्कालीन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस ने 'सॉफ्ट हिंदुत्व' की रणनीति अपनाने की कोशिश की थी. उन्होंने आगे कहा कि 'मुसलमानों को अपना स्वतंत्र राजनीतिक नेतृत्व तैयार करने की कोशिश करनी चाहिए. AIMIM नेता ने जोर देकर कहा, 'अब समय आ गया है कि मुसलमान एकजुट हों और अपना खुद का राजनीतिक नेतृत्व तैयार करें, ताकि कम से कम उन्हें अपनी उपेक्षा को उजागर करने के लिए एक आवाज मिल सके और वे ऐसे चुने हुए प्रतिनिधि हासिल कर सकें जो विकास की दिशा में काम करने में सक्षम हों.'
बंगाल में क्यों हार गई TMC?
ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में तृणमूल की हार के कई कारण थे और NRC उनमें से एक था. हालांकि, उन्होंने यह भी दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ सत्ता-विरोधी लहर थी, भ्रष्टाचार के मुद्दे थे और यह कि 'उसके कार्यकाल के दौरान मुस्लिम समुदाय को उत्पीड़न का सामना करना पड़ा. तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने टिप्पणी की कि अगर पार्टी ने मुसलमानों को 'केवल एक वोट बैंक के बजाय नागरिकों' के रूप में देखा होता, तो पश्चिम बंगाल में वास्तविक विकास देखने को मिलता. उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं द्वारा BJP के पक्ष में दिए गए फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए और यह कि तथाकथित 'धर्मनिरपेक्ष पार्टियां' BJP के विस्तार को रोकने में असमर्थ होंगी. उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी पार्टियों को दिए गए वोट प्रभावी रूप से 'बर्बाद' हो रहे हैं.