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Asaduddin Owaisi: ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के सद्र असदुद्दीन ओवैसी का सीजेआई पर हुए हमले पर बयान आया है. उन्होंने कहा है कि गवई साहब ने केवल ओरल ऑब्जरवेशन था, और उन पर हमला हो गया. इसके साथ ही ओवैसी ने बाबरी मस्जिद का उदाहरण देते हुए कहा कि हमने कोर्ट के उस फैसले को माना और मामले को जाने दिया.
ओवैसी एक रैली को खिताब करते हुए कहते हैं कि बरेली पर गवई साहब का ओरल ऑब्जरवेशन था, कोई ऑर्डर पास नहीं किया गया और उनपर अटैक हो गया. बोलते हैं कि सनातन धर्म का अपमान नहीं सहेंगे. उन्होंने आगे कहा कि जो लोग संविधान को मानते हैं, उनके खिलाफ भी आदेश आए तो वह उसे मानते हैं.
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 6 दिसंबर को बाबरी मस्जिद शहीद हुई थी. उस क्रिमनल केस का जजमेंट आया कि कोई भी मुजरिम नहीं है. सुप्रीम कोर्ट का वह भी जजमेंट आया और कहा कि बाबरी मस्जिद आपकी नहीं है. हमने कहा मुत्तफिक नहीं है हमारी. हमने कहा सुप्रीम कोर्ट की सुप्रीम है.
उन्होंने कहा कि हमारे देश में ये क्या हो रहा है. एक दलित सुप्रीम कोर्ट का जज बन गया. लेकिन, ये कास्टिस्ट और जालिम लोग बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे, एक दलिक उस मुकाम पर पहुंच गया. मैं पूरे भारत के दलित भाइयों से कह रहा हूं, देखो यह जहर नहीं तो क्या है?
असदुद्दीन ओवैसी ने इस दौरान आरएसएस चीफ मोहन भावत पर जोरदार हमला बोला. उन्होंने कहा कि मोहन भागवत कहते हैं कि कास्टिज्म को खत्म करो. लेकिन ये मसला पेश आया, उन्होंने इस पर कुछ नहीं बोला. प्रधानमंत्री ने एक ट्वीट कर दिए बोल दिए.
भारत में मुख्य न्यायाधीश (CJI) बी. आर. गवई पर हमला सुप्रीम कोर्ट में एक अधिवक्ता राकेश किशोर के जरिए किया गया. आरोपी ने न्यायालय की कार्यवाही के दौरान जूता फेंकने की कोशिश की. इस दौरान उसने 'सनातन का अपमान नहीं सहेंगे' जैसे नारे लगाए.