)
Asaduddin Owaisi: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तारीफ की. RSS को एक संगठन के रूप में 100 साल पूरे करने पर संगठन के कार्यकर्ताओं को याद किया और राष्ट्र निर्माण में उनके कथित योगदान का गुनगान किया. इस बयान के बाद सियासी गलियारों में मौसम गर्म हो गया है. विपक्ष के ज्यादातर पार्टियों ने इस बयान पर विरोध व्यक्त किया और निंदा की.
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के चीफ और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी PM मोदी के बयान पर हमलावर हैं. उन्होंने पीएम मोदी के बयान पर आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी ने RSS की विचारधारा और PM मोदी पर जुबानी हमले किए. उन्होंने RSS को नफरत फैलाने और देश में अलगाववाद को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार ठहराया.
AIMIM चीफ असदुद्दीन ऑवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी के बयान पर हमला बोलते हुए कहा कि PM मोदी ने लाल किले से RSS की तारीफ की है, यह स्वतंत्रता संग्राम का अपमान है. उन्होंने RSS पर हमला बोलते हुए कहा कि यह संगठन आजादी की लड़ाई में कभी हिस्सा नहीं लिया. ओवैसी ने RSS पर इल्जाम लगाते हुए कहा कि वे लोग भारत पर कब्जा करने वाले अंग्रेजों से ज्यादा स्वतंत्रता सेनानियों से नफरत करते थे.
AIMIM चीफ ने कहा कि RSS हमेशा से समावेशी राष्ट्रवाद के विचार को खारिज करता रहा और आगे भी ऐसा ही करेगा. उन्होंने कहा कि RSS का विचार देश के संविधान के खिलाफ है. उन्होंने कहा कि जो RSS देश में नफरत और अलगाववाद को बढ़ावा देता है, PM मोदी उसी RSS का समर्थन करते हैं.
सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आजादी के लड़ाई में हुए आंदोलनों का जिक्र किया, उन्होंने कहा कि सत्याग्रह, क्विट इंडिया मूवमेंट, रॉलेट एक्ट के खिलाफ हुए आंदोलन इत्यादि में RSS कहीं नजर आती है क्या? उन्होंने RSS की प्रार्थना का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रार्थना में समावेशिता है? ओवैसी ने RSS के संविधान का जिक्र करते हुए पूछा कि RSS के संविधान में सिर्फ एक ही धर्म और उसके कल्चर का जिक्र नहीं किया गया है? क्या उनके संविधान में समावेशिता का जिक्र है?