Chandra Shekhar Azad on Waqf Amendment Bill: विपक्षी सदस्यों और मुस्लिम समुदाय समेत अन्य लोगों के भारी विरोध के बीचे देर शाम संसद के निचले सदन में वक्फ संशोधन बिल पारित हो गया. इस बिल को अब ऊपरी सदन या राज्यसभा में चर्चा के लिए भेजा गया है. बिल को लेकर अभी भी लोगों का विरोध जारी है.
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Waqf Amendment Bill 2025: विपक्ष के भारी शोरशराबे के बीच लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पारित हो गया. इसे गुरुवार (3 अप्रैल) को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. इस बीच आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद का वक्फ संशोधन बिल को लेकर बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि वह इस विधेयक के खिलाफ अदालत जाएंगे और अपना विरोध जतायेंगे.
बगैर नाम लिए जेडीयू और टीडीपी पर निशाना साधते हुए चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जो पार्टियां पहले मुस्लिम आरक्षण और उनके कल्याण की बात करती थीं, मुसलमानों को मुख्यधारा में लाने की बात करती थीं, उन्हीं पार्टियों ने मुसलमानों को धोखा दिया है और बिल का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि वे अब बेनकाब हो गए हैं, हम अदालत जाएंगे और सड़कों पर उतरकर इसका विरोध करेंगे.
बता दें, आज गुरुवार को केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने राज्यसभा में आज वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 और मुसलमान वक्फ (मंसूख) विधेयक पर विचार करने के लिए प्रस्ताव पेश किया. ऊपरी सदन में अपने खिताब के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सच्चर कमेटी का हवाला देते हुए सेंट्रल वक्फ काउंसिल और स्टेट वक्फ बोर्ड को व्यापक बनाने पर जोर दिया. विपक्ष के सदस्य इस बिल के कई बिंदुओं पर लगातार ऐतराज कर रहे हैं और इसे मुसलमानों के अधिकारों हनन बता रहे हैं.
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने वक्फ संपत्तियों का जिक्र करते हुए कहा कि आज की तारीख में वक्फ के पास 8.72 लाख संपत्ति है. उन्होंने कहा कि साल 2006 में सच्चर कमेटी ने 4.9 लाख वक्फ की संपत्तियों से 12 हजार करोड़ रुपये की आमदानी होने की उम्मीद जताई थी, ऐसे में आज इनकी आय और बढ़ गई होगी. किरण रिजिजू ने आगे कहा कि सच्चर कमेटी ने सिफारिश की थी कि सेंट्रल वक्फ काउंसिल और स्टेट वक्फ बोर्ड को और व्यापक बनाने की सलाह दी थी. कमेटी ने महिलाओं और बच्चों को फायदा पहुंचाने के लिए खास कदम उठाने की भी सिफारिश की थी.
कल बुधवार सदन में भारी गहमगहमी के बीच बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार ने सदन में वक्फ संशोधन बिल पेश किया. इस बिल पर चली लंबी बहस के बाद निचले सदन से पास हो गया. इसके बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने वोटिंग डिवीजन रिजल्ट का ऐलान किया. इस बिल की हिमायत में 288 और मुखालिफ में 232 वोट पड़े. आज इस बिल पर सदन में चर्चा हो रही है, अगर यह बिल ऊपरी सदन यानी राज्यसभा से भी पास हो जाता है तो इसे मंजूरी के लिए राष्ट्रपति के पास भेज दिया जाएगा.
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