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JUH ने असम सीएम के दुखती रग पर रखा हाथ! हिमंता बोले- 'मेरा चले तो मदनी को उठाकर...'

Assam CM on JUH Demand: असम में मुसलमानों के घरों पर हो रही बुलडोजर कार्रवाई पर JUH ने बीते आलोचना की थी और सीएम हिमंता बिस्वा सरमा से इस्तीफा देने की मांग की थी. JUH की मांग सुन मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भड़क गए और जमीयत को 'कांग्रेस की B‑टीम' कहा और मीडिया के सामने प्रतीकात्मक 'ठेंगा' दिखाया.

 

हिमंता बिस्वा सरमा (फाइल फोटो)
हिमंता बिस्वा सरमा (फाइल फोटो)

Assam News Today: असम कई इलाकों में मुस्लिम बहुल्या इलाकों में बुलडोजर एक्शन के बाद मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा मानवाधिकार संगठनों, विपक्षी दलों के साथ अन्य लोगों के निशाने पर हैं. हिमंता बिस्वा सरमा सरकार पर लगातार समुदाय विशेष पर एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप लगते रहे हैं. बीते दिनों जमीयत उलेमा-ए-हिंद (JUH) ने राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सीएम हिमंता बिस्वा सरमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. 

जमीयत उलेमा-ए-हिंद की इस मांग पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा आग बबूला हो उठे. हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार (23 अगस्त) को कहा कि असम का मुख्यमंत्री का चुनाव कोई बाहर वाला नहीं बल्कि असम की जनता चुनती है. इस दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद को कांग्रेस की 'बी' टीम बताया और मीडिया के सामने उन्हें एक बार फिर प्रतीकात्मक रूप से ठेंगा दिखाया. 

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शर्मा ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद पर निशाना साधते हुए कहा कि असम के मुख्यमंत्री को कोई बाहरी दबाव या धमकी देकर हटवा नहीं सकता है. जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मदनी असम के मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने के लिए नहीं कह सकते, बल्कि इसका फैसला सिर्फ असम की अवाम कर सकती है.

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'मदनी को भेज देंगे बांग्लादेश'

सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने धमकी देते हुए कहा, "अगर उन्हें मौका मिला तो वह मदनी को भी बांग्लादेश भेज देंगे." हिमंता बिस्वा सरमा ने आरोप लगाया कि "मदनी ने असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ मिलकर टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (TET) पास करने वाले शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने दी थी." उन्होंने कहा कि "उस समय मैं शिक्षा मंत्री था, तब एक ऑफिसर को बुलाकर उन्होंने ऐसा कुछ कहने की कोशिश की थी." 

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने जमीयत उलेमा ए हिंद को कांग्रेस की 'B टीम' बताया. आखिर में हेमंत बिस्वा शर्मा ने जमीयत उलेमा-ए-हिंद को आपत्तिजनक ढंग से ठेंगा दिखया. 

JUH से क्यों चिढ़े हैं सीएम हिमंता

दरअसल, बुधवार (20 अगस्त) को जमीयत उलेमा-ए-हिंद की एक ऑनलाइन बैठक हुई थी, जिसमें कार्यकारी समिति के सदस्यों ने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा पर हेट स्पीच और सांप्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप हैं, जिसकी हर हाल में जांच होनी चाहिए और उन्हें सीएम पद से तुरंत बर्खास्त किया जाना चाहिए.

इस मौके पर जमीयत उलेमा-ए-हिंद असम स्टेट के उपाध्यक्ष मौलाना जाहिद अहमद कासमी ने आरोप लगाया कि "असम के मुख्यमंत्री सिर्फ एक समुदाय (मुसलमानों) को निशाना बना रहे हैं, जिसकी जमीयत उलेमा-ए-हिंद कड़ी निंदा करती है." उन्होंने साफ तौर पर कहा कि पूरी जमीयत उलेमा-ए-हिंद असम के मुख्यमंत्री के खिलाफ एकजुट है और उनकी एकतरफा और भेदभावपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ लगातार आवाज उठाएगी.

इस ऑनलाइन बैठक में देशभर से जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मेंबर्स ने हिस्सा लिया था. इस मीटिंग में असम की मौजूदा हालात पर चर्चा हुई. मीटिंग में कार्यकारी समिति ने देश की संवैधानिक संस्थाओं खास तौर पर भारत की राष्ट्रपति और भारत के मुख्य न्यायाधीश से मांग की कि असम के मुख्यमंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ हेट स्पीच के मामले दर्ज किए जाएं.

गुवाहाटी से शरीफ उद्दीन अहमद की रिपोर्ट

 

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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