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Assam CM on Madarsa: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा अकसर अपने हिंदू-मुस्लिम से मुताल्लिक दिए गए बयानों और फैसलों के लिए जाने जाते हैं. सीएम पर अकसर इल्जाम लगता है कि वह एक समुदाय के खिलाफ फैसले लेते हैं. अब उनका एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. जिसमें वह मदरसों पर ताले डालने की बात कर रहे हैं. इस बयान की काफी मजम्मत हो रही है.
असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा वीडियो में कह रहे हैं कि मैंने मुल्ला बनाने का ठेका नहीं लिया है. इन मदरसों को बंद किया जाना चाहिए, फिर चाहे हंगामा हो. अहम बात तो यह है कि एक तरफ प्रधानमंत्री एक हाथ में कुरान और एक हाथ में कंप्यूटर की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके सीएम मंच से इस तरह की बयानबाज़ी करते हैं. एक तरफ जहां प्रधानमंत्री का विज़न मदरसा मॉडर्नाइजेशन है, वहीं दूसरी ओर उनके सीएम मदरसों पर ताला डालना चाहते हैं.
असम के सीएम कहते हैं कि एक बार अधिकारी मेरे पास फाइल लेकर आए और बोले कि साहब मदरसा शिक्षक को तनख्वाह देना है, आपके साइन चाहिए. मैंने बोला दोबारा बोलो ये क्या है, उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षक को वेतन देना है.
जब मदरसे बंद करने का निर्देश दिया गया, कुछ अधिकारी बोले 'हल्ला होगा।'
मैंने कहा - "हल्ला होने दो, मदरसा तो बंद करके रहूँगा"@BJP4Bihar#BiharElection2025 pic.twitter.com/Oclrn3RMXT
— Himanta Biswa Sarma (@himantabiswa) November 5, 2025
असम सीएम ने आगे कहा कि मैंने उनसे सवाल किया कि ये मदरसे क्या होते हैं? बोले, मदरसा से मुल्ला बनते हैं. मदरसा से क्या होता है, बोले मुल्ला बनते हैं. तब मैंने अधिकारी को बोला कि क्या क्या हमने मुल्ला बनाने का ठेका लिया हुआ है?. तो उन्होंने मुझे कहा कि नहीं साहब ये तो 1937 से चल रहा है. हमें मदरसा को वेतन देना होता है.
असम सीएम आगे कहते हैं कि मैंने उनसे कहा कि अगर मैं बंद कर दूं तो क्या होगा? तो वे बोले कि बहुत हल्ला होगा. तो मैंने कहा कि हल्ला होगा तो मज़ा आएगा. आज से सभी मदरसे बंद कर दो. असम सीएम के इस बयान की सोशल मीडिया पर आलोचना हो रही है, वहीं कुछ लोग उनकी हिमायत में भी खड़े नज़र आ रहे हैं.