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Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार (7 नवंबर) को पार्टी के सीनियर नेता आजम खान से मुलाकात हुई है. लगभग 34 माह बाद जेल से छूटे सपा के राष्ट्रीय महासचिव की अखिलेश यादव की हालिया दिनों में यह दूसरी मुलाकात है. आगामी पंचायत चुनाव और विधानसभा चुनाव को लेकर यह मुलाकात कई मायनों में खास मानी जा रही है.
इस मुलाकात के बाद मीडिया से बात करते हुए आजम खान ने बहुत ही साफगोई से कहा कि अखिलेश यादव से सियासी मुद्दों पर चर्चा हुई है. आजम खान ने कहा कि जब सियासत में काम करने वाले दो नेता मिलते हैं तो सियासी बातों पर ही चर्चा होती है. उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भी बड़ा बयान दिया. सपा की तरफ से आजम खान महागठबंधन के स्टार प्रचारकों में शामिल हैं.
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सपा के राष्ट्रीय महासचिव आजम ने इशारों में ही एनडीए सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि वहां चुनाव का दौर है, मैं वहां जाना चाहता हूं. लेकिन असुरक्षित नहीं, जंगलराज में नहीं जाना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि सियासी ढांचे में में सुधार होने की बहुत जरूरत है. बिहार में बादशाह से लेकर वजीरों तक कह रहे हैं कि वहां जंगलराज है.
बीजेपी नेताओं के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए आजम खान ने कहा, "बिहार की संज्ञा जंगल की दी जा रही है. एक प्रदेश को जंगल कह देना, आज के दौर में शायद सभ्य बात नहीं है." उन्होंने आगे कहा, "उस जंगलराज में अगर मैं अकेला जाऊंगा तो आपने देखा है कि वहां पर हत्या किस तरह हुई है. मुझे जबरदस्ती रेल की पटरी पर अपना सिर नहीं रखना है. इस बार लोग बिहार में ऐतिहासिक बदलाव की बात कर रहे हैं."
आजम खाने ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सभी लोगों को मुझसे सबक लेना चाहिए और मेरे अंजाम से सीख लेना चाहिए. उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि मेरे साथ हुए ऐतिहासिक नाइंसाफी के बावजूद इस धरती पर अभी भी कुछ लोग जिंदा हैं और रहेंगे, जिनकी सहनशक्ति पत्थर या पहाड़ से भी ज्यादा है.
यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने कहा कि उन्हें यह देखकर खुशी होती है कि जो लोग पहले उन्हें गलत समझते थे, आज धीरे-धीरे हकीकत और सच्चाई से रूबरू होने लगे हैं. जिससे उन्हें मुझे भी समझने में आसानी हुई है. उन्होंने आगे कहा कि अदालतों से इंसाफ मिले, यही हमारी उम्मीद है. जितनी एजेंसियां हैं, सबने मेरे घर में छापा मारा था. मेरा मानना है कि सियासी निजाम में बड़े पैमाने पर बदलाव करने की जरूरत है.