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Azam Khan on Mohibullah Nadvi: देश के कद्दावर नेता आजम खान 27 महीने बाद जेल से रिहा हो गए हैं. हालांकि, उनके तेवर जस के तस हैं. रिहाई के बाद से ही वह अपने चिर-परिचित अंदाज में विरोधियों पर हमला बोल रहे हैं. इस बीच रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और सपा के सीनियर नेता आजम खान के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है. एक बार फिर आजम खान ने सपा सांसद पर तंज कस दिया है. आजम खान ने नदवी पर हमला बोलते हुए कहा कि काश! उन्हें मस्जिद के अलावा कुछ और इल्म होता...
दरअसल, सीतापुर जेल से रिहा होने के बाद से ही आजम खान और रामपुर के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी के बीच जुबानी जंग छिड़ी हुई है. दोनों के बीच नफरत इतनी बढ़ गई है कि अखिलेश यादव को भी दखल देना पड़ा, लेकिन दोनों के बीच सुलह नहीं हो पाई है.
जेल से रिहा होते ही छिड़ गई थी जुबानी जंग
जेले से रिहा होने के बाद ही आजम खान से मोहिबुल्लाह नदवी के बारे में सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वह कौन साहब हैं, हम उन्हें नहीं जानते. इसके बाद रामपुर सांसद नदवी ने आजम खान पर तंज कसते हुए कहा था कि वह बुजुर्ग हो गए हैं, लंबे वक्त तक जेल में रहे हैं, तो उन्हें हमको पहचानने में दिक्कत होगी ही. एक बार फिर आजम खान ने नदवी पर जमकर हमला किया है.
आजम खान ने क्या कहा?
आजम खान ने एक निजी न्यूज चैनल से बातचीत करते हुए कहा, "अगर उन्हें मस्जिद के अलावा और कोई जानकारी होती, तो शायद वे ऐसा न कहते. कम से कम उन्होंने यह तो माना कि मैं एक भारतीय हूं, किसी एजेंसी का एजेंट नहीं. बेशक, वे (रामपुर सांसद) हमारे बड़े हैं. इस्लाम में उम्र वरिष्ठता का पैमाना नहीं होती. फिर भी, मेरा उनके लिए एक सुझाव है. जिस पवित्र पद पर वे हैं, उसका चरित्र भी वैसा ही होना चाहिए, और उनके आचार-व्यवहार और वाणी में एकरूपता होनी चाहिए. उनके बयान से किसी को ठेस पहुंचे या न पहुंचे, मुझे इस बात पर बहुत शर्म आती है कि वे ऐसी भाषा का इस्तेमाल करते हैं."
उन्होंने आगे कहा कि मुझे उम्मीद है कि अगर बात निकली तो दूर-दूर तक फैलेगी. उनके आचार-व्यवहार की चर्चा यहां से लेकर आगरा तक हो रही है. ऐसा मत करो, वे शेरवानी और टोपी पहनते हैं. उनका पहनावा सम्मानजनक है, और उनका पेशा सम्मानजनक है. वे इसकी गरिमा बनाए रखेंगे.