UP Madarsa News: आजमगढ़ के मदरसा टीचर शमशुल हुदा खान पर विदेशी नागरिकता छिपाकर वेतन-पेंशन लेने का आरोप है. इस मामले में अब बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ मदरसा निदेशालय ने उनसे जुड़े दो मदरसों की मान्यता निलंबित कर दी है. मामले में पहले ही चार अधिकारियों को लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में निलंबित किया जा चुका है.
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Azamgarh News Today: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले से जुड़े एक मदरसा टीचर के खिलाफ सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. लखनऊ स्थित मदरसा निदेशालय ने उनसे जुड़े दो मदरसों की मान्यता निलंबित कर दी है. आरोप है कि मदरसा टीचर ने विदेशी नागरिकता छिपाकर कई साल तक सरकारी वेतन और पेंशन जैसे फायदे हासिल किए.
यूपी सरकार ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के तहत आजमगढ़ के मदरसा में टीचर रहे शमशुल हुदा खान पर आरोप है कि उन्होंने अवैध तरीके से वेतन और सेवानिवृत्ति के फायदे हासिल किए. इस मामले में लापरवाही और मिलीभगत के आरोप में पहले ही चार अधिकारियों को निलंबित किया जा चुका है.
अब इस मामले में अगली बड़ी कार्रवाई करते हुए मदरसा निदेशालय, लखनऊ ने दो मदरसों की मान्यता निलंबित कर दी है. इनमें पहला मदरसा संतकबीर नगर जिले में स्थित 'मदरसा कुलियातुल बनातिर रजबिया' है और दूसरा आजमगढ़ के मुबारकपुर क्षेत्र में स्थित 'दारूल उलूम अहले सुन्नत अशरफिया मिस्बाहुल उलूम' मदरसा है, जहां शमशुल हुदा टीचर रह चुके थे.
मिली जानकारी के मुताबिक, शमशुल हुदा खान ने 19 दिसंबर 2013 को ब्रिटेन की नागरिकता ले ली थी. इसके बावजूद उन्होंने यह बात मदरसा मैनेजमेंट और विभाग से छिपाई. आरोप है कि मैनेजमेंट और कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से वह 31 जुलाई 2017 तक अवैध तरीके से वेतन लेते रहे. इस दौरान उन्होंने मेडिकल लीव, वीआरएस, जीपीएफ और पेंशन जैसे सभी सरकारी फायदे भी हासिल किए.
बताया गया है कि नौकरी के दौरान शमशुल हुदा ने ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, सिंगापुर, श्रीलंका, खाड़ी देशों और पाकिस्तान तक का सफर किया. यह मामला साल 2022 में सामने आया था. जांच में दोषी पाए जाने पर करीब 50 दिन पहले चार अधिकारियों को निलंबित किया गया था. इनमें संयुक्त निदेशक शेष नाथ पांडेय (तत्कालीन आजमगढ़, वर्तमान में निदेशालय लखनऊ), साहित्य निष्कर्ष सिंह (तत्कालीन डीएमओ आजमगढ़, वर्तमान में गाजियाबाद), लालमन (तत्कालीन डीएमओ आजमगढ़, वर्तमान में बरेली डीएमओ), प्रभात कुमार (तत्कालीन डीएमओ आजमगढ़, वर्तमान में अमेठी डीएमओ) शामिल हैं.
अब इस पूरे मामले में लंदन में रह रहे मौलाना शमशुल हुदा से जुड़े उत्तर प्रदेश के दो मदरसों की मान्यता भी निलंबित कर दी गई है. मदरसा निदेशालय लखनऊ के मुताबिक, जांच में इन दोनों मदरसों के संचालन और फंडिंग से जुड़े गंभीर अनियमित तथ्य सामने आए हैं. इसी आधार पर संतकबीर नगर के 'मदरसा कुलियातुल बनातिर रजबिया' और आजमगढ़ के मुबारकपुर स्थित 'दारूल उलूम अहले सुन्नत अशरफिया मिस्बाहुल उलूम' की मान्यता निलंबित कर दी गई है.
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