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Azharuddin Oath: सीनियर कांग्रेस नेता और पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन को शुक्रवार, 31 अक्टूबर को तेलंगाना सरकार में मंत्री के तौर पर शपथ दिलाई गई. शपथ ग्रहण समारोह को राज्यपाल जीश्नु देव वर्मा ने राज भवन, हैदराबाद में आयोजित किया था. इस दौरान मुख्यमंत्री ए. रेवंथ रेड्डी और कई अन्य कैबिनेट मंत्री भी इस मौके पर मौजूद रहे.
अजहरुद्दीन को राज्यपाल के कोटे के तहत विधान परिषद सदस्य (MLC) के रूप में नामित किया गया है, जिससे उन्हें राज्य कैबिनेट में शामिल होने का रास्ता खुला. उनका नामांकन कैबिनेट विस्तार के प्रस्ताव के बाद हुआ है, और वर्तमान कैबिनेट में वे एकमात्र मुस्लिम प्रतिनिधि होंगे.
यह कदम जुबली हिल्स उपचुनाव से पहले उठाया गया है, जहां अल्पसंख्यक मतदाता आधार काफी महत्वपूर्ण हैृ. अजहरुद्दीन के इस शामिल होने से राज्य कैबिनेट की कुल संख्या 16 हो जाएगी.
अज़हरुद्दीन के कैबिनेट में शामिल होने के पीछे जुबली हिल्स विधनसभा सीट पर उपचुनाव माने जा रहे हैं, जो 11 नवंबर को होना है. इस चुनाव के नतीदे 14 नवंबर को आएंगे. इस सीट पर 3.98 लाख वोटर्स हैं, जिनमें से 25 फीसद मुसलमान हैं. यही वजह है कि BJP और BRS अज़हरुद्दीन को कैबिनेट में शामिल होने का विरोध कर रही है.
भाजपा ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) को पत्र लिखकर मंत्री बनाए जाने के समय पर आपत्ति जताई थी और आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया था. भाजपा प्रवक्ताओं ने तर्क दिया कि किसी ऐसे व्यक्ति को मंत्री बनाना, खासकर जिसने हाल ही में उसी सीट से टिकट मांगा हो, मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सत्ता का गलत इस्तेमाल है.
अजहरुद्दीन का जन्म 8 फरवरी 1963 को हैदराबाद में हुआ. उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई ऑल सेंट्स हाई स्कूल, अबिड्स से की और फिर निज़ाम कॉलेज से बी.कॉम की डिग्री प्राप्त की. मामा जैनुलबुद्दीन से प्रेरित होकर उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया और 1984 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू किया.
अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में शतकों के साथ उन्होंने क्रिकेट जगत में सनसनी फैलाई। बाद में 1989 में उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी भी की. 16 साल के क्रिकेट करियर में अजहरुद्दीन ने भारत के लिए 99 टेस्ट और 334 वनडे मैच खेले और अपनी शैली के कारण समय के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजों में शामिल हुए.
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और 19 फरवरी 2009 को कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए. उसी साल उन्हें उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद लोकसभा क्षेत्र से चुना गया. 2018 में कांग्रेस ने उन्हें तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (TPCC) का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया.