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Baghpat News Today: बागपत जिले के टांडा गांव में स्थित एक मदरसे में 11 महीने के मासूम बच्चे की मौत के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. यह हादसा नहीं बल्कि हत्या निकली. मदरसे में पढ़ने वाली एक नाबालिग छात्रा ने ही नाराजगी में मासूम को कपड़े में लपेटकर बेड के बक्से में बंद कर दिया था, जिससे दम घुटने से उसकी मौत हो गई.
छपरौली थाना क्षेत्र के टांडा गांव के रमाला रोड पर दारुल उलूम मुजाफरिया लील बनात नाम का मदरसा है. यहां करीब 35 लड़कियां पढ़ाई करती हैं. इस मदरसे का संचालन गांव के ही रहने वाले मुफ्ती शहजाद पुत्र सुलेमान करते हैं. वह अपनी बीवी रुबीना और चार बेटियों के साथ वहीं रहते हैं.
शहजाद के साले सुलेमान का अपनी पत्नी यासमीन से तलाक हो चुका था. तलाक के बाद शहजाद ने अपने साले के 11 महीने के बेटे अबुतलहा को गोद ले लिया. जिसे वह अपने पास रखते थे और मियां बीवी उसकी परवरिश कर रहे थे.
शनिवार रात करीब 12 बजे शहजाद और उनकी बीवी ने बच्चे को दूध पिलाकर सुला दिया था, लेकिन इतवार की सुबह जब दोनों जागे तो बच्चा बेड पर नहीं था. काफी तलाश के बाद अबुतलहा बेड के बक्से में कपड़े में लिपटा मिला. उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
शुरुआत में ग्रामीणों ने आशंका जताई कि शायद बच्चा कंबल के नीचे दब गया होगा, जिससे दम घुटने से उसकी जान चली गई. लेकिन पुलिस को मामला संदिग्ध लगा, जिसके बाद मदरसे में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए.
फुटेज में एक बच्ची रात को मदरसे में टहलती नजर आई. बच्चे को गोद में लेकर कपड़े में लपेटती है और फिर उसे बेड के बक्से में बंद कर देती है. इसके बाद पुलिस ने तत्काल नाबालागि छात्रा को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी. किशोरी ने जो बताया उसे सुनकर पुलिस भी दंग रह गई.
इस संबंध में एएसपी एनपी सिंह ने बताया कि कुछ दिन पहले मदरसे के संचालक शहजाद ने हत्यारोपी छात्रा को मोबाइल पर किसी लड़के से बात करते हुए पकड़ लिया था, जिसके बाद उसकी पिटाई कर दी थी. इसी बात से नाराज होकर किशोरी ने मासूम बच्चे को अपना निशाना बनाया.
फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और बच्ची से गहन पूछताछ की जा रही है. पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले का पूरी तरह खुलासा हो चुका है और अब कानूनी कार्रवाई की जा रही है.