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Bichhia Notice: उत्तर प्रदेश के बहराइच में मौजूद बिछिया के सैकड़ों परिवारों के आसरे पर संकट मंडराने लगा है. दरअसल यहां वन विभाग ने नूरी मस्जिद समेत 185 घरों को नोटिस जारी करते हुए कहा है कि वह अतिक्रमण के दायरे में आते हैं. विभाग ने तीन दिन के अंदर जवाब देने के लिए कहा है. जवाब न मिलने पर बेदखली और बुलडोजर की कार्रवाई की मांग की गई है.
पीड़ितों का कहना है कि हमारे पास वन विभाग को दिए गए किराए के अलावा भी कई सबूत हैं. लोगों ने आरोप लगाया कि बुधवार को 100 से ज्यादा पीड़ित नोटिस का जवाब देने वन विभाग ऑफिस पहुंचे तो उन्हें दफ्तर में दाखिल होने की इजाजत नहीं दी गई.
यह मामला बहराइच जिले के कटार नया वन्य जीव प्रभाग का है. ज़िनिया वन्य जीव प्रभाग के बछिया में एक छोटा सा बाजार और कुछ घर हैं, जिसमें नूरी मस्जिद के व्यवस्थापक समेत 185 परिवारों को वन विभाग ने भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 61(2) और वन्य जीव संरक्षण अधिनियम की धारा 34(ए) के तहत नोटिस जारी किया है.
लोगों का कहना है कि बछिया बाजार 189 ई. से पहले आबाद था और 1885 में जब वन विभाग की स्थापना हुई तो बछिया बाजार को वन विभाग में शामिल कर लिया गया. फिर यहां के निवासियों को जंगल में काम करने के लिए मजबूर किया गया. मौजूदा जंगल का एक बड़ा हिस्सा इन वन ग्रामीणों के जरिए लगाया गया है
दशकों से वनवासियों के बीच रहने वाले जंग हिंदुस्तानी ने बताया कि हमारे और अन्य पीड़ितों के पास वन विभाग को दिए गए राजस्व, यार्ड मीटर और डॉट लिस्ट सहित सभी सबूत हैं, जो साबित करते हैं कि बच्ची बाजार के निवासी तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं.
इस बारे में पूछे जाने पर प्रभागीय वनाधिकारी कटार नया घाट भी शिवशंकर ने बताया कि अभी हम यह मानकर चल रहे हैं कि बिछिया बाजार में अतिक्रमण है, जिन लोगों को नोटिस दिया गया है, वे कोई सबूत दिखाएं, इसीलिए उन्हें तीन दिन का समय दिया गया है.