Bahraich Violence News: बहराइच हिंसा में रामगोपाल मिश्रा की गोली लगने से मौत हो गई. इस मामले में निचली आदालत ने फैसला सुनाया है. कोर्ट ने इस फैसले में बताया कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या योजनाबद्ध तरीके से बेहद क्रूरता के साथ की गई, उसके नाखून निकाले गए. लेकिन इस मामले पर पुलिस के पुराने बयान कुछ और ही कह रहे हैं. पुलिस के बयान और कोर्ट द्वारा अपने जजमेंट में दी गई जानकारी के बीच विरोधाभास है. इसको लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
Trending Photos
)
Bahraich Violence News: इसी साल जून के महीने में उत्तर प्रदेश के बहराइच में सांप्रदायिक हिंसा की घटना हुई.यहां दुर्गा पूजा खत्म होने के बाद हिंदू समुदाय के लोग मूर्ति विसर्जन करने के लिए एक जुलूस निकाल रहे थे. इस जूलुस के दौरान रामगोपाल मिश्रा नाम का एक युवक सरफराज के घर पर चढ़कर उत्पात मचाया और मुस्लिम समुदाय के झंड़े को उखाकर फेक दिया और उस स्थान पर भगवा झंडा फहराया. इस घटना के दौरान नीचे खड़ी हिंदूवादी भीड़ तालियां बजा रही थी और जय श्री राम के नारे लगा रही थी. इसी दौरान रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई.
बीते गुरुवार 11 दिसंबर को निचली अदालत ने रामगोपाल मिश्रा हत्या कांड मामले में मुस्लिम समुदाय के 10 लोगों को सजा सुनाई. जिनमें, सरफराज उर्फ रिंकू को फांसी की सजा सुनाई है. साथ ही सरफराज के पिता, भाई समेत अन्य 9 दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है.कोर्ट के इस फैसले में दी गई जानकारी को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं.
कोर्ट ने अपने फैसले में मर्डर करने के तरीकों का जिक्र करते हुए कहा कि दोषियों द्वारा मृतक रामगोपाल मिश्रा की पैरों को ऐसे जलाया गया कि उसके पैर के नाखून निकल गए. वहीं, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद एक बयान जारी करके बताया था कि रामगोपाल मिश्रा की नाखून नहीं निकाली गई, न ही तलवार से हमला किया गया. पुलिस ने बताया कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या गोली मारकर की गई है. कोर्ट के इस फैसले पर अब विवाद हो गया है.
लोग कोर्ट के इस फैसले पर सवाल खड़े करने लगे हैं, क्योंकि पुलिस के बयान और कोर्ट द्वारा अपने जजमेंट में दी गई जानकारी के बीच विरोधाभास है. लोगों का सवाल है कि इस मामले में कोर्ट द्वारा दी गई जानकारी सही है या पुलिस द्वारा दी गई जानकारी. बता दें कि बहराइच हिंसा के बाद सोशल मीडिया पर इसी प्रकार के अफवाहें फैलनी शुरू हो गई थीं. इन अफवाहों में बताया गया कि रामगोपाल मिश्रा की हत्या निर्मम तरीके से की गई, तलवार से हमला किया गया, नाखून निकाला गया और लगभग 10 गोलियां मारी गईं.
लेकिन पुलिस ने सोशल मीडिया पर बयान जारी करके इन सूचनाओं को अफवाह बताया और अफवाह फैलाने वाले को चेतावनी दी. साथ ही पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले अकाउंट्स के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रामगोपाल मिश्रा की मृत्यु गोली लगने से हुई है.