)
Bangladesh News: बांग्लादेश इस वक्त अजीब हालातों से गुजर रहा है, मु्ल्क में सियासी घटनाक्रम तेजी से बदलता दिख रहा है. दरअसल, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने इलेक्शन, रिफॉर्म और जस्टिस की बात कर नई चर्चा को जन्म दे दिया है.
बांग्लादेश सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट से पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि शनिवार को राष्ट्रीय आर्थिक परिषद की कार्यकारी समिति की मीटिंग के बाद सलाहकार परिषद की एक अनशेड्यूल्ड बैठक की गई. दो घंटे की इस मीटिंह में अंतरिम सरकार के तीन अहम दायित्व पर बातचीत हुई. जो चुनाव, सुधार और न्याय है.
मुख्य सलाहकार प्रोफेसर मोहम्मद युनूस की सदारत में यह मीटिंग हुई, जिसका आयोजन शेर-ए-बांग्ला में किया गया. मीटिंग में सलाहकार परिषद ने उन गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई जो देश में सामान्य प्रशासनिक माहौल को बाधित कर रही हैं. इनमें अनुचित मांगें, उकसावे वाले बयान, अधिकार क्षेत्र से बाहर की टिप्पणियां और विघटनकारी कार्यक्रम शामिल हैं, जो जनता के बीच भ्रम और अविश्वास पैदा कर रहे हैं.
बैठक में यूनुस ने कहा, "राष्ट्रीय स्थिरता बनाए रखना, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराना, और न्याय व सुधार सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है. तानाशाही की वापसी को रोकने के लिए सभी को एकजुट होना होगा." उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतरिम सरकार सभी राजनीतिक दलों की राय को सुनेगी और देश के हित में पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ेगी.
मुख्य सलाहकार यूनुस ने चेताया कि अगर सरकार के न्यायिक सुधार, चुनावी प्रक्रिया और सामान्य प्रशासन में बाधाएं इस हद तक बढ़ जाएं कि काम करना असंभव हो जाए, तो सरकार इसकी सभी वजहें जनता के सामने रखेगी और उनके साथ मिलकर जरूरी कदम उठाएगी.
ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनुस के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बताया कि अलग-अलग दलों ने दिसंबर 2024 से जून 2025 के बीच चुनाव कराने की इच्छा जताई है. जमात-ए-इस्लामी ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया है, जबकि नेशनल कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने मौजूदा हालात में निष्पक्ष चुनाव के लिए समान अवसर न होने की बात कही और चुनाव आयोग के पुनर्गठन की मांग की है.