Bangladesh News: बांग्लादेश में शेख हसीना की सज़ा-ए-मौत का भारी विरोध हो रहा है. कई जगहों पर भारी गोला बारूद का भी इस्तेमाल किया गया है. पुलिस ने 24 घंटों में 1,649 लोगों को गिरफ्तार किया है.
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Bangladesh News: बांग्लादेश में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को मौत की सजा सुनाए जाने के बाद देशभर में हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, फैसले के बाद 24 घंटों के भीतर देश के अलग-अलग हिस्सों से कम से कम 1,649 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. फैसले के विरोध में कई जगहों पर तोड़फोड़ हुई, 40 से ज्यादा गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया और कई इलाकों में कॉकटेल बम फोड़े गए.
सोमवार को बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय अपराध ट्राइब्यूनल ने शेख हसीना को मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई. ये आरोप पिछले साल जुलाई में हुए प्रदर्शनों से जुड़े थे. अदालत ने हसीना के दो करीबी सहयोगियों को भी दोषी ठहराया. पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल को मौत की सजा दी गई, जबकि पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्ला अल–मामून, जिन्होंने सरकारी गवाह बनने पर सहमति दी थी, को पांच साल की जेल हुई है.
पुलिस मुख्यालय के मीडिया विंग से जारी जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटों में सुरक्षा एजेंसियों ने 10 हथियार, 30.5 किलो बारूद, गोलियां और कॉकटेल बम बरामद किए हैं. इसके अलावा, ढाका महानगर पुलिस की डिटेक्टिव ब्रांच ने अलग-अलग छापों के दौरान सत्तारूढ़ अवामी लीग के पांच और नेताओं तथा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे, ताकि किसी भी संभावित तोड़फोड़, अचानक जुलूस या राजनीतिक गतिविधि को रोका जा सके, जो राजधानी की कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती है. गिरफ्तार किए गए लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है.
सोमवार को फैसला आने के बाद ढाका के प्रसिद्ध इलाके धनमंडी 32 में हिंसा भड़क उठी थी. यहां झड़पें इतनी खतरनाक थीं कि पूरा इलाका जंग के मैदान जैसा दिखने लगा. रिपोर्टों के मुताबिक, इन झड़पों में सुरक्षा कर्मियों समेत करीब 50 लोग घायल हुए. धनमंडी 32 वही स्थान है, जहां बांग्लादेश के संस्थापक और शेख हसीना के पिता, शेख मुजीबुर रहमान का घर मौजूद है.
उधर, प्रदर्शनकारियों ने कई हाईवे जाम किए और सुरक्षा बलों से भिड़ गए. राजधानी ढाका सहित कई इलाकों में भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए थे. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और साउंड ग्रेनेड व आंसू गैस का इस्तेमाल किया.