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Bangladesh Violence News: बांग्लादेश में जारी सियासी तनाव के बीच एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. शनिवार (20 दिसंबर) तड़के उपद्रवियों ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के एक नेता के घर में आग लगा दी. इस घटना में सात साल की एक बच्ची की जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के तीन अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए.
यह घटना लक्ष्मीपुर सदर उपजिला के भबानीगंज यूनियन अंतर्गत पश्चिम चार मानसा गांव में हुई. स्थानीय मीडिया के मुताबिक, आगजनी की यह वारदात शनिवार तड़के करीब 1 बजे अंजाम दी गई. पुलिस के मुताबिक, पीड़ित बीएनपी नेता और व्यवसायी बेलाल हुसैन हैं. द डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक, बेलाल हुसैन भबानीगंज यूनियन बीएनपी के सहायक संगठन सचिव हैं.
रिपोर्ट में बताया गया है कि उपद्रवियों ने पहले घर के दोनों दरवाजों को बाहर से बंद किया और फिर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. उस समय घर के सभी सदस्य सो रहे थे. आग की चपेट में आकर 7 साल की आयशा अख्तर की मौके पर ही मौत हो गई. आयशा की दो बड़ी बहनें सलमा अख्तर (16) और सामिया अख्तर (14) आग में बुरी तरह झुलस गईं. दोनों के शरीर का 50 से 60 फीसदी हिस्सा जल गया है. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
बेलाल हुसैन भी इस आगजनी में झुलस गए हैं और उनका इलाज चल रहा है. बेलाल हुसैन की मां हाजरा बेगम ने बताया कि उन्होंने खिड़की से देखा कि कुछ लोग घर को घेरकर आग लगा रहे थे. हाजरा बेगम के मुताबिक, "मैं रात को खाना खाने के बाद सो गई थी. करीब रात एक बजे नींद खुली तो खिड़की से देखा कि मेरे बेटे के टिन शेड वाले घर में आग लगी थी. मैं चिल्लाते हुए बाहर भागी, लेकिन घर के दोनों दरवाजे बाहर से बंद थे, इसलिए अंदर नहीं जा सकी."
हाजरा बेगम ने बताया कि बेलाल हुसैन किसी तरह दरवाजा तोड़कर बाहर निकल आए. उनकी बीवी नजमा भी अपने चार महीने के बेटे अबीर हुसैन और छह साल के बेटे हबीब के साथ बाहर निकलने में कामयाब रहीं. हालांकि, तीनों बेटियां सलमा, सामिया और आयशा, एक ही कमरे में सो रही थीं. बड़ी दो बेटियों को गंभीर रूप से झुलसी हालत में बाहर निकाला गया, लेकिन सबसे छोटी आयशा अंदर ही फंस गई और उसकी जलकर मौत हो गई.
घटना की पुष्टि करते हुए लक्ष्मीपुर सदर मॉडल थाना के ऑफिसर-इन-चार्ज (ओसी) मोहम्मद वाहिद परवेज ने बताया कि आगजनी की इस घटना में बेलाल हुसैन की सात साल की बेटी आयशा अख्तर की मौत हो गई है. उन्होंने कहा कि बेलाल हुसैन और उनकी दो बेटियां सलमा और सामिया गंभीर रूप से झुलस गई हैं. बेलाल का इलाज लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि दोनों बेटियों को बेहतर इलाज के लिए ढाका रेफर किया गया है.
ओसी वाहिद परवेज ने कहा, "हम यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस घटना को किसने अंजाम दिया और इसके पीछे क्या वजह थी." लक्ष्मीपुर सदर अस्पताल के रेजिडेंशियल मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) अरूप पाल ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 2 बजे बेलाल हुसैन और उनकी दो किशोर बेटियों को झुलसी हालत में आपातकाल विभाग में लाया गया था.
वाहिद परवेज ने कहा कि बेलाल हुसैन को अस्पताल में भर्ती कर लिया गया है, जबकि दोनों लड़कियों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ढाका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी में रेफर किया गया है. यह घटना ऐसे समय पर हुई है, जब बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस के अगुवाई वाली अंतरिम सरकार के दौरान हिंसा की घटनाओं में इजाफा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर चिंता जताई जा रही है.