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Zee SalaamIndian MuslimCAA की तरह जब... वक्फ बिल का इस मुस्लिम मौलान ने किया समर्थन, मुसलमानों को दी ये नसीहत

'CAA की तरह जब...' वक्फ बिल का इस मुस्लिम मौलान ने किया समर्थन, मुसलमानों को दी ये नसीहत

Shahabuddin Razvi on Waqf Amendment Bill: वक्फ संशोधन बिल गहमा-गहमी और शोरशराबे के बाद दोनों सदनों से पारित हो गया. इस बिल के सदन से पास होने पर कई संगठनों ने नाराजगी जताई है. इसके उलट ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का बयान चर्चा का विषय बना हुआ है. जानें क्या कहा?

 

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी- फाइल फोटो
मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी- फाइल फोटो

Uttar Pradesh News Today: ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी का दोनों सदनों से वक्फ बिल पारित होने पर सरकार का शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास होकर राज्यसभा से भी पास हो गया है. इसके लिए सरकार का शुक्रिया अदा करता हूं. 

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने इस बिल को मुस्लिमों के हित वाला बताया है. इसके साथ उन्होंने अपील की कि इसके खिलाफ आम मुस्लिम सड़कों पर न उतरें. शहाबुद्दीन रजवी ने शुक्रवार (4 अप्रैल) को अपने जारी एक बयान में कहा कि वक्फ संशोधन बिल से किसी प्रकार का कोई खतरा नहीं है. 

शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल से धार्मिक स्थलों को कोई खतरा नहीं है. उन्होंने कहा कि मस्जिदों, मदरसों, ईदगाहों, कब्रिस्तानों, दरगाहों को कोई खतरा नहीं है. इन धार्मिक स्थलों की स्थिति जैसी है, वैसी ही रहेगी. उन्होंने कहा कि खतरा उन्हें है जो भूमाफिया टाइप के हैं, उन्होंने वक्फ की करोड़ों की संपत्ति दबा रखी है. उसकी आमदनी को अपनी जेब में रखते हैं. जबकि होना यह चाहिए था कि गरीब और कमजोर मुस्लिमों पर काम किया जाना चाहिए था. 

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मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि वक्फ के पैसे से गरीब और कमजोर मुस्लिमों के उत्थान के लिए काम किया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा न करके उन्होंने उसे अपनी निजी आमदनी का जरिया बना लिया. यह बिल गरीब मुस्लिमों के आर्थिक, सामाजिक उत्थान में एक नया इंकलाब साबित होगा.

मौलाना ने कहा कि बीते सालों में जब सीएए कानून आने वाला था, तब राजनीति करने वाले लोगों ने मुसलमानों को खूब गुमराह किया. यह कानून लागू हो गया तो मुसलमानों की नागरिकता छीन ली जाएगी, जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं था. उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर हम बराबर कह रहे थे कि यह नागरिकता देने वाला कानून है. इससे नागरिकता छीनी नहीं जाएगी. 

शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के मुताबिक, सीएए की तरह जब वक्फ संशोधन बिल को अमली जामा पहनाया जाएगा, तब तस्वीर क्लियर हो जाएगी कि आम मुस्लिमों का इससे कोई लेना-देना नहीं है. बोर्ड में जमीनें साफ-सुथरी होंगी, एक अच्छा निजाम आएगा. उन्होंने आम मुस्लिमों से अपील की कि इसे लेकर सड़कों पर न उतरें क्योंकि यह बिल आपके कल्याण के लिए है.

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