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Bareilly Violence Bulldozer Action: I Love Muhammad के पोस्टर लेकर प्रदर्शन करने पर बरेली में हिंसा हो गई. पुलिस ने शुक्रवार (26 सितंबर) को बरेली में मुस्लिम समाज के प्रदर्शनकारियों पर लाठियां चलाईं. इस घटना के बाद बरेली पुलिस वीडियो के आधार पर प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उन पर कठोर कार्रवाई कर रही है. साथ ही बुलडोजर से उनके मकान भी ध्वस्त किए जा रहे हैं. बरेली हिंसा के कथित मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉ. नफीस और उसके बेटे को भी इस हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है.
डॉ. नफीस की गिरफ्तारी के बाद बरेली के जिला प्रशासन ने उनकी कथित अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है. बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी ने शनिवार (4 अक्टूबर) को मुल्जिम डॉ. नफीस के जखीरा स्थित बरातघर रज़ा पैलेस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की. यहां कार्रवाई करने से पहले भारी पुलिस फोर्स तैनात की गई.
डॉ. नफीस और उसके बेटे को जेल भेजा जा चुका है. नफीस की मार्केट को बवाल के बाद सील कर दिया गया था. अब उसके बरातघर पर कार्रवाई हुई है. शनिवार दोपहर जखीरा स्थित बरातघर रज़ा पैलेस पर एसपी सिटी मानुष पारिख पहुंचे. उन्होंने बताया कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भारी फोर्स तैनात की गई है.
वहीं, बरेली डेवलपमेंट अथॉरिटी की टीम ने तीन बुलडोजरों से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की. बता दें कि सबसे पहले बुलडोजर से बरातघर का गेट तोड़ा गया. इसके बाद अन्य हिस्से पर कार्रवाई की गई. इस कार्रवाई से इलाके के लोगों में आक्रोश देखा जा सकता है. लेकिन पुलिस की सख्त रुख की वजह से कोई खुल कर इन कार्रवाइयों का विरोध नहीं कर रहा है.
गौरतलब है कि बरेली में हिंसा के बाद पुलिस द्वारा की जा रही कार्रवाई पर सवाल खड़े होने लगे हैं. समाजवादी पार्टी और ऑल इंडिया मसजिल ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन ने इन कार्रवाइयों को मुस्लिम समाज के खिलाफ टार्गेटेड कार्रवाई बताया है. साथ ही समाजवादी पार्टी के डेलिगेशन को भी बरेली का दौरा करने से रोक दिया गया है. डेलेगेशन में शामिल नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया गया.