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Bareilly News: बरेली में 26 सितंबर को 'I Love Muhammad' पोस्टर विवाद को लेकर पुलिस और लोगों के बीच झड़प हो गई. झड़प में एक दर्जन लोग घायल हो गए. पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा की पहचान की, उसे गिरफ्तार किया और जेल भेज दिया. अब प्रशासन तौकीर रजा के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई कर रहा है. इसी कड़ी में मौलाना तौकीर रज़ा के करीबी कॉलोनाइज़र मोहम्मद आरिफ के ड्रीम प्रोजेक्ट फाइक एन्क्लेव पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू हो गया है.
पीलीभीत बाइपास पर बसाई गई इस कॉलोनी में ज्यादातर मकान बिना मानचित्र स्वीकृति के बने पाए गए हैं. जिला प्रशासन और बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) की जांच में कई अनियमितताओं का खुलासा हुआ है. बीडीए ने फाइक एन्क्लेव के 27 लोगों को नोटिस जारी कर पूछा है कि बिना नक्शा स्वीकृत कराए निर्माण क्यों किया गया. संबंधित भू-स्वामियों और मकान मालिकों को अपना पक्ष रखने के लिए समय दिया गया है.
प्रशासन ने दी चेतावनी
बीडीए ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जवाब नहीं मिला या फिर जवाब संतोषजनक नहीं हुआ, तो तोड़फोड़ और सीलिंग की कार्रवाई तय है. जांच में सामने आया है कि कॉलोनाइज़र मोहम्मद आरिफ ने सालों पहले फाइक एन्क्लेव की शुरुआत की थी, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा सीलिंग और अन्य श्रेणी की सरकारी भूमि पर बसाया गया. शुरुआती जांच के बाद जिला प्रशासन ने भूमि की प्रकृति, स्वामित्व और अवैध कब्जे से जुड़े दस्तावेज खंगालने शुरू कर दिए हैं. रिपोर्ट आने के बाद कई और कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है.
बीडीए ने जारी की नोटिस
उधर बीडीए की नोटिस कार्रवाई ने कॉलोनी में हलचल मचा दी है. हैरानी की बात यह है कि जिन घरों को नोटिस मिला है, उनमें से कई सरकारी सेवा में रह चुके अधिकारियों या वर्तमान में सरकारी नौकरी कर रहे लोगों के भी हैं. इससे बीडीए की कार्रवाई और गंभीर मानी जा रही है. 26 सितंबर के बवाल के बाद तौकीर रज़ा के करीबी लोगों की भूमिका की जांच पहले से ही चल रही है. अब उनके सहयोगियों के आर्थिक और अचल संपत्ति से जुड़े मामलों की परतें भी खुलने लगी हैं. प्रशासन का कहना है कि फाइक एन्क्लेव में हुए सभी निर्माण नियमों के खिलाफ पाए गए, तो बड़ी स्तर पर ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी.